नोएडा पुलिस ने 7 अक्टूबर, 2026 को सेक्टर-24 में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने यहाँ छापेमारी करके चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक आपराधिक गिरोह का भंडाफोड़ किया और उसके चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है।
इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व स्थानीय अधिकारियों द्वारा किया गया। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और सर्विलांस टेक्नोलॉजी यानी खुफिया जानकारी और निगरानी तकनीक के तालमेल का इस्तेमाल किया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान और उम्र
पुलिस ने जिन चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान उनके पिता के नाम के साथ की गई है। पकड़े गए लोगों में वीरेंद्र परिहार के बेटे सत्यम कुमार, हेमराज के बेटे विकास, रामअवतार के बेटे अमन जाटव और तुलसी के बेटे कृष्णा शामिल हैं।
पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, इन सभी आरोपियों की उम्र 18 से 20 साल के बीच है। यह गिरोह घरों और व्यावसायिक दुकानों के ताले और शटर तोड़कर अंदर घुसने और चोरी करने में माहिर था।
चोरी के सामान और हथियारों की बरामदगी
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी की गई बड़ी मात्रा में संपत्ति बरामद की है। बरामद सामानों की सूची इस प्रकार है:
- सिगरेट के 102 पैकेट
- सरसों तेल का एक टिन
- रिफाइंड तेल के तीन क्रेट
- चोको पाई के 10 पैकेट
- चिप्स के 51 पैकेट
- नमकीन के 107 पैकेट
- गुटखा और तंबाकू के तीन पैकेट
इन खाद्य सामग्रियों के अलावा पुलिस ने अन्य जरूरी चीजें भी जब्त की हैं। इनमें एक गैस सिलेंडर, दो आधिकारिक सील, दो चेकबुक, एक कलाई घड़ी, एक क्रेडिट कार्ड और एक CCTV कैमरा शामिल है।
अपराध में इस्तेमाल उपकरण और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने उन औजारों को भी अपने कब्जे में ले लिया है जिनका इस्तेमाल चोरी की वारदातों में किया जाता था। लोहे की सरिया और दो अवैध चाकू बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग ताले और शटर तोड़ने के लिए किया जाता था।
इस पूरे मामले में सेक्टर-24 पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर लिया गया है। अधिकारी फिलहाल पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ कर रहे हैं ताकि उनकी अन्य आपराधिक गतिविधियों का पता लगाया जा सके और उन लोगों की पहचान की जा सके जो चोरी का सामान खरीदते थे।

























