रिपोर्ट – रोचक अग्निहोत्री (शाहजहांपुर)
शाहजहांपुर –डिजिटल युग में बच्चों की शिक्षा में मोबाइल फोन का स्थान तेजी से बढ़ता जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए डोरेमॉन्स इंटरनेशनल स्कूल ने अपने वेलकम ओरिएंटेशन प्रोग्राम में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल करते हुए मोबाइल फोन के सुरक्षित और सकारात्मक उपयोग के तरीके बताए।
एकेडमिक कोऑर्डिनेटर श्री उदय प्रताप सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“मोबाइल एक ताक़तवर उपकरण है। यदि सही दिशा, सीमित समय और निगरानी के साथ इसका उपयोग किया जाए, तो यह बच्चों के लिए ज्ञान का अमूल्य स्रोत बन सकता है। कार्यक्रम में दिल्ली से आईं एकेडमिक हेड काउंसलर दीक्षा दुबे ने टेक्नोलॉजी आधारित लर्निंग ऐप्स की महत्ता पर प्रकाश डाला, जिससे बच्चों की समझ, तर्कशक्ति और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को नई उड़ान मिलेगी।
इस डिजिटल पहल को और प्रभावशाली बनाने में विद्यालय की प्रधानाचार्या दीपमाला रस्तोगी, डिसिप्लिन इंचार्ज अलीशा सिंह, एकेडमिक मॉनिटर हीरा सिंह, को-ऑर्डिनेटर अंशिका बाथम, मुकेश पाल, मानसी रोहरा, शंकर लाल, इकरा खान, शुभम सक्सेना, रोमाना आरिफ, आकांक्षा मिश्रा, विशाल कनौजिया, यशी रस्तोगी, पंकज कुमार सक्सेना, चारु अग्निहोत्री, शुभि गुप्ता, इफरा अंजुम, वैष्णवी सहित सभी शिक्षकगणों का अहम योगदान रहा।
इन सभी शिक्षकों ने मिलकर यह संदेश दिया कि डिजिटल शिक्षा का युग शुरू हो चुका है, लेकिन उसकी सही शुरुआत तभी होगी जब मोबाइल को एक दोस्त की तरह इस्तेमाल किया जाए—न कि एक लत की तरह।






























