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Prayagraj Maha Kumbh fame Harsha Richharia parents Sanyas | महाकुंभ में फेमस हर्षा रिछारिया के मां-पिता से बात: बोले- मेरी बेटी ने संन्यास नहीं, गुरु दीक्षा ली है; हम जल्द उसकी शादी कर देंगे

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प्रयागराज23 मिनट पहले

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महाकुंभ में अपनी खूबसूरती के चलते फेमस हुई हर्षा रिछारिया के माता-पिता का कहना है कि उनकी बेटी ने गुरु दीक्षा ली है, संन्यास नहीं लिया। एक मीडिया चैनल से बातचीत में मां किरण और पिता ने कहा कि हम जल्द ही बेटी की शादी कर देंगे। उसके रिश्ते लगभग 2025 में फाइनल हो जाएंगे। अगर 2025 में शादी न कर पाई तो 2026 में उसकी शादी फाइनल हो जाएगी।

मां-पिता ने कहा कि बचपन से उसका रुझान आध्यात्म की ओर रहा है। बिना नहाए, पूजा पाठ किए, वह स्कूल नहीं जाती थी। 10 साल की उम्र से ही पूजा पाठ के बाद वह नाश्ता करती थी। आध्यात्म की ओर जाना हर किसी व्यक्ति का कर्तव्य होना चाहिए और उसे जाना भी चाहिए।

हर्षा के माता पिता ने कहा- हम 2004 में उज्जैन कुंभ में नहाने आए थे। उसके बाद यहीं के होकर रह गए। उसने BBA की पढ़ाई यहीं की। फिर 19 साल की उम्र में वह एंकरिंग की फील्ड में चली गई।

प्रयागराज में 4 जनवरी को पेशवाई के समय हर्षा गले में रुद्राक्ष की माला और माथे पर तिलक लगाए दिखीं।

प्रयागराज में 4 जनवरी को पेशवाई के समय हर्षा गले में रुद्राक्ष की माला और माथे पर तिलक लगाए दिखीं।

बच्चे सही रास्ते पर जाएं तो हस्तक्षेप न करें हर्षा के माता पिता ने कहा- आजकल बच्चे जन्मदिन पर लेट नाइट पार्टियां कर रहे हैं। लेकिन, हर्षा ने ऐसा कुछ नहीं किया। जन्मदिन जब भी मनाया मंदिर में जाकर मनाया। घर में कभी जन्मदिन भी नहीं मनाया। बच्चे अगर सही रास्ते पर जा रहे हैं तो मां-बाप को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।

दो साल पहले हर्षा ने गुरु दीक्षा ली मां ने बताया- हर्षा ने हरिद्वार में कैलाशानंद जी महाराज से निवेदन किया तो उन्होंने 2 साल पहले दीक्षा दी। वहीं रहकर उनके सानिध्य में उसने मंत्र, पूजा-पाठ आदि सीखा। महाकुंभ में जाने की बात उसने 30 दिसंबर को बताई। अपने पापा से फोन पर हर्षा ने कहा था कि हम गुरुजी के साथ महाकुंभ जा रहे हैं। लगभग 1 महीने रहकर वहीं कल्पवास करेंगे। हम दोनों ने इसकी इजाजत दे दी।

आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज की शिष्या हैं हर्षा रिछारिया।

आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज की शिष्या हैं हर्षा रिछारिया।

संन्यास की खबर सुनी तो बहुत रोई थी मां ने कहा- हर्षा के कपड़े वही डिजाइन करती हैं। जब संन्यास की खबर मैंने सुनी तो बहुत रोई। तुरंत उससे फोन कर बात की तो उसने सच्चाई बताई। हर्षा ने बताया कि उसने सिर्फ दीक्षा ली है, संन्यास नहीं। भगवान की पूजा करना या दीक्षा लेना कोई गलत काम नहीं है। मां ने कहा- बेटी की ग्लैमरस लाइफ उसकी अलग थी, बाकी जब वह घर आती है तो वो ही खाना बनाती है।

वह दो से 4 साल पहले अपने प्रोग्राम के हिसाब से कपड़े पहनती थी, लेकिन आज वह सब छोड़कर सनातन से जुड़ गई है। धर्म से जोड़ना है तो अमीर-गरीब, सुंदरता कुछ भी नहीं देखना है। यह अपना गुण होता है जो भगवान की तरफ ले जाता है। मुझे अपनी बेटी पर गर्व है।

मां-पिता के साथ बीच में हर्षा रिछारिया।

मां-पिता के साथ बीच में हर्षा रिछारिया।

ट्रोल करने वालों को मां-पिता ने जवाब दिया हर्षा के ट्रोल होने पर मां ने कहा- ऐसा देखकर बहुत दुख होता है। जहां तक उसके पहनावे और तस्वीरों की बात है तो उसने सीरियल में काम किया है। एंकरिंग की है। मैं हर किसी से निवेदन करती हूं कि प्लीज ऐसा मत करें। हर घर में बच्चे होते हैं। हर मां-बाप को अगर ऐसा कोई करता है तो कष्ट होता है।

हर्षा रिछारिया ने 2 साल पहुंचे हरिद्वार में गुरु दीक्षा ली थी।

हर्षा रिछारिया ने 2 साल पहुंचे हरिद्वार में गुरु दीक्षा ली थी।

उत्तराखंड में रहती हैं हर्षा, इंस्टाग्राम पर 10 लाख फॉलोअर्स हर्षा मूलरूप से मध्यप्रदेश के भोपाल की रहने वाली हैं, लेकिन उत्तराखंड में रहती हैं। वह पीले वस्त्र, रुद्राक्ष माला और माथे पर तिलक धारण करती हैं। उनके इंस्टाग्राम पर 10 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। हर्षा इंस्टाग्राम पर धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट साझा करती हैं। वह निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज की शिष्या हैं।

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महाकुंभ में मॉडल को रथ पर बैठाने पर भड़के संत: कहा- धर्म को प्रदर्शन का हिस्सा बनाना खतरनाक, परिणाम भुगतने होंगे

तस्वीर निरंजनी अखाड़े की पेशवाई के समय की है। हर्षा रिछारिया संतों के साथ रथ पर सवार हैं।

तस्वीर निरंजनी अखाड़े की पेशवाई के समय की है। हर्षा रिछारिया संतों के साथ रथ पर सवार हैं।

प्रयागराज महाकुंभ में पेशवाई के दौरान मॉडल को रथ पर बैठाने को लेकर विवाद छिड़ गया है। शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने कहा- यह उचित नहीं है। इससे समाज में गलत संदेश फैलता है। धर्म को प्रदर्शन का हिस्सा बनाना खतरनाक है। साधु-संतों को इससे बचना चाहिए, नहीं तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। दरअसल, 4 जनवरी को महाकुंभ के लिए निरंजनी अखाड़े की पेशवाई निकली थी। उस वक्त 30 साल की मॉडल हर्षा रिछारिया संतों के साथ रथ पर बैठी नजर आई थीं। पढ़ें पूरी खबर…

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