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भारत में सितंबर 2026 की बेरोजगारी दर 5 प्रतिशत रही, ग्रामीण महिलाओं के लिए राहत

सितंबर 2026 के महीने के लिए भारत की कुल बेरोजगारी दर 5.0 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह आंकड़ा अगस्त के महीने में देखी गई बेरोजगारी की दर के बिल्कुल बराबर है।

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Ministry of Statistics and Programme Implementation के तहत National Statistics Office ने यह ताजा अपडेट जारी किया है। आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2025 में यह दर 5.2 प्रतिशत थी, जिसकी तुलना में अब इसमें 0.2 प्रतिशत अंकों की गिरावट आई है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण महिला बेरोजगारी दर घटकर 3.9 प्रतिशत रह गई है। यह वर्तमान वर्ष के दौरान दर्ज किया गया सबसे निचला स्तर है।

सर्वेक्षण का तरीका और सैंपल साइज

ये सभी आंकड़े Periodic Labour Force Survey Monthly Bulletin से लिए गए हैं। यह राष्ट्रीय रोजगार डेटा के लिए प्राथमिक आधिकारिक स्रोत के रूप में काम करता है।

इस सर्वे में Current Weekly Status तरीके का इस्तेमाल किया गया है। इस पद्धति के तहत सरकार किसी व्यक्ति को तब नियोजित मानती है, जब उसने रेफरेंस हफ्ते के दौरान कम से कम एक घंटा काम किया हो।

मंत्रालय ने इन नतीजों को तैयार करने के लिए कुल 370,513 लोगों के सैंपल का इस्तेमाल किया। इसमें 211,333 ग्रामीण निवासी और 159,180 शहरी निवासी शामिल थे।

क्षेत्रीय और लैंगिक आधार पर रोजगार के आंकड़े

Press Information Bureau की रिलीज PRID 2323828 के मुताबिक, सितंबर 2026 में लिंग और क्षेत्रीय आधार पर कई बदलाव देखे गए। ग्रामीण बेरोजगारी दर 4.2 प्रतिशत रही, जो अगस्त में 4.1 प्रतिशत थी, लेकिन यह सितंबर 2025 की 4.6 प्रतिशत दर से कम है।

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शहरी बेरोजगारी अगस्त के 6.8 प्रतिशत से बढ़कर 6.9 प्रतिशत पर पहुंच गई है। वहीं, पुरुषों में बेरोजगारी दर 4.9 प्रतिशत पर स्थिर रही।

महिलाओं की बेरोजगारी दर पिछले महीने के 5.1 प्रतिशत से बढ़कर 5.2 प्रतिशत हो गई है। शहरी महिला बेरोजगारी दर अगस्त के 8.9 प्रतिशत से बढ़कर 9.2 प्रतिशत हो गई है।

लेबर फोर्स और वर्क पॉपुलेशन रेशियो

कुल Labour Force Participation Rate 55.5 प्रतिशत रहा, जिसमें साल-दर-साल 0.2 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी हुई है। अगस्त की तुलना में शहरी Labour Force Participation Rate में 0.3 प्रतिशत अंकों की वृद्धि दर्ज की गई।

Business Standard और The Hindu की रिपोर्ट के अनुसार, कुल महिला Labour Force Participation Rate पिछले साल के मुकाबले 0.5 प्रतिशत अंक बढ़कर 34.6 प्रतिशत हो गया है।

  • ग्रामीण महिला श्रम भागीदारी 38.9 प्रतिशत रही, जो पिछले साल से 1.0 प्रतिशत अधिक है।
  • शहरी महिला भागीदारी बढ़कर 25.9 प्रतिशत हो गई, जो CNBC TV18 के अनुसार अक्टूबर 2025 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है।
  • कुल Worker Population Ratio साल-दर-साल 0.3 प्रतिशत अंक बढ़कर 52.7 प्रतिशत हो गया।

The Economic Times के विश्लेषकों का कहना है कि ये आंकड़े स्थिरता और धीमी प्रगति को दर्शाते हैं। ग्रामीण महिला बेरोजगारी में रिकॉर्ड कमी एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में बना अंतर औपचारिक नौकरियों के सृजन में संरचनात्मक चुनौतियों को उजागर करता है।

Ministry of Statistics and Programme Implementation श्रम बाजार के बदलावों को ट्रैक करने के लिए इन मासिक बुलेटिनों को जारी करना जारी रखेगा। नीति निर्माता आगामी बजट योजना और राज्य स्तर की रोजगार पहलों से पहले इन संकेतकों की बारीकी से निगरानी करेंगे।

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निवेशकों द्वारा अब औद्योगिक उत्पादन, कॉर्पोरेट हायरिंग और टैक्स कलेक्शन के डेटा में इन रुझानों की पुष्टि का इंतजार किया जाएगा।

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