उत्तर प्रदेश बार काउंसिल ने बाराबंकी के रामसनेहीघाट स्थित तहसील बार एसोसिएशन के चुनाव से जुड़े विवाद पर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। काउंसिल ने इस मामले में चल रही सभी कानूनी कार्यवाहियों को अब पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
13 अक्टूबर 2026 को बार काउंसिल के अध्यक्ष शिवकिशोर गौर ने एक आधिकारिक आदेश जारी किया। इस आदेश के जरिए एल्डर्स कमेटी को पहले जारी किया गया कारण बताओ नोटिस वापस ले लिया गया है और इससे जुड़ी सभी कार्यवाही खत्म कर दी गई है।
दरअसल, रामसनेहीघाट बार एसोसिएशन के प्रबंधन, सदस्यता और चुनाव कराने के तरीकों को लेकर कुछ शिकायतें मिली थीं। इन शिकायतों के आधार पर बार काउंसिल ने 11 सितंबर 2026 को एल्डर्स कमेटी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद चुनाव संपन्न
काउंसिल ने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि उसे सूचित किया गया था कि चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। यह चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए हैं और इसमें पूरी तरह पारदर्शिता बरती गई है।
यह पूरी प्रक्रिया जनहित याचिका (PIL) संख्या 412/2026 के तहत हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों और निर्देशों के अनुसार पूरी की गई। इस याचिका का शीर्षक राजेश कुमार पांडे बनाम बार काउंसिल ऑफ इंडिया और अन्य था।
सदस्यता और वोटिंग विवाद पर स्पष्टता
बार काउंसिल ने अपने आदेश में साफ तौर पर कहा है कि अब इन कार्यवाहियों के दायरे में सदस्यता या वोटिंग अधिकारों से जुड़ी शिकायतों पर विचार करना सही नहीं होगा। काउंसिल का तर्क है कि चूंकि चुनाव की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, इसलिए अब इन आपत्तियों को सुनना उचित नहीं है।
इसी कारण से काउंसिल ने 11 सितंबर के नोटिस को वापस लेने और सभी संबंधित कानूनी कार्रवाइयों को समाप्त करने का निर्णय लिया। हालांकि, काउंसिल ने यह भी स्पष्ट किया है कि सदस्यता और वोटिंग अधिकारों से परेशान लोग संबंधित सक्षम प्राधिकारी या फोरम में जा सकते हैं।
काउंसिल ने जोर देकर कहा कि इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि भविष्य में शिकायतें नहीं की जा सकतीं। इन विशिष्ट विवादों के समाधान के लिए कानूनी रास्ते और विकल्प अभी भी खुले रहेंगे।
इन अधिकारियों और वकीलों को भेजा गया आदेश
इस आदेश की प्रतियां प्रशासनिक और कानूनी जानकारी के लिए कई महत्वपूर्ण अधिकारियों को भेजी गई हैं। इनमें शामिल हैं:
- बाराबंकी के जिला जज
- बाराबंकी के जिला मजिस्ट्रेट
- रामसनेहीघाट के उप-जिलाधिकारी (SDM) का कार्यालय
इसके अलावा, इस आदेश की कॉपी कई अधिवक्ताओं को भी भेजी गई है। इन नामों में तेज बहादुर सिंह, ओम शंकर अवस्थी, राम कुमार सिंह, सूर्य प्रताप मिश्रा, उमेश प्रताप सिंह, कमलेश पांडे, राहुल तिवारी और राजेश कुमार पांडे शामिल हैं।
हालांकि इस आदेश से बार काउंसिल की कारण बताओ नोटिस वाली कार्यवाही खत्म हो गई है, लेकिन सदस्य और वोटिंग अधिकारों के विवादों को सुलझाने के लिए अन्य सक्षम फोरम के कानूनी रास्ते अभी भी उपलब्ध हैं।

























