आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना के लिए तीसरा पूरक नोटिस दाखिल किया है। यह औपचारिक शिकायत 14 अक्टूबर, 2026 को राज्यसभा विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष हरिवंश नारायण सिंह को सौंपी गई है।
इस शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पुलिस कर्मियों ने सांसद और प्रदर्शनकारियों के साथ बार-बार शारीरिक मारपीट और दुर्व्यवहार किया है। संजय सिंह ने अपनी शिकायत में 2 अक्टूबर, 10 अक्टूबर और 12 अक्टूबर, 2026 को हुई तीन अलग-अलग घटनाओं का विस्तार से जिक्र किया है।
सांसद का दावा है कि इन घटनाओं के दौरान उन्हें घसीटा गया, उनके साथ शारीरिक मारपीट की गई और पुलिस ने उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने इस दौरान पत्रकारों, वकीलों और युवा लड़कियों को भी निशाना बनाया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई का विवरण
संजय सिंह ने बताया कि 2 अक्टूबर को जब वह वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के खिलाफ जंतर मंतर की ओर मार्च कर रहे थे, तब उनके साथ बदसलूकी हुई। उन्हें धक्का दिया गया, जमीन पर पटका गया, जबरन घसीटा गया और फिर पुलिस बस में हिरासत में ले लिया गया।
इसी तरह की घटनाएं 10 अक्टूबर और 12 अक्टूबर को हुए प्रदर्शनों के दौरान भी सामने आईं। ये विरोध प्रदर्शन कथित चुनावी अनियमितताओं और चुनाव आयोग के कामकाज के संबंध में आयोजित किए गए थे।
पुलिस कमिश्नर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
अपनी याचिका में सांसद ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर और इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पुलिस के इस व्यवहार को तानाशाही बताया है और कहा कि यह एक सांसद की गरिमा और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।
संजय सिंह ने अपने बयान में कहा, “हम गुंडे, माफिया या आतंकवादी नहीं हैं; हम संसद के सदस्य हैं।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है।
कोर्ट में शिकायत और संसद में मुद्दा उठाने की तैयारी
संजय सिंह पहले ही दो नोटिस जमा कर चुके हैं और अब वह विशेषाधिकार समिति के सामने सबूत पेश करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने इस मामले में कानूनी कदम उठाने का भी फैसला किया है।
- वह शामिल पुलिस कर्मियों के खिलाफ अदालत में औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे।
- वह इस मुद्दे को सड़कों से उठाकर संसद के पटल पर ले जाने का संकल्प ले चुके हैं।
सांसद ने स्पष्ट किया है कि यह मामला अभी खत्म नहीं हुआ है और वह इसे आगे बढ़ाएंगे।

























