रिपोर्ट अनुराग राजू मिश्रा
शाहजहांपुर (पुवायां):- जनपद की पुवायां तहसील के अंतर्गत बंडा और पुवायां मंडी में चल रहे गेहूं खरीद के बड़े खेल पर प्रशासन ने पूरी तरह लगाम लगा दी है। मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद जिला अधिकारी (DM) ने मामले का कड़ा संज्ञान लिया, जिसके बाद मंडियों में होने वाली संदिग्ध खरीद में भारी गिरावट आई है और नियमों को ताक पर रखकर काम कर रहे मिलरों को अपने दफ्तरों के शटर डाउन करने पड़े हैं।
दफ्तरों में बैठकर हो रही थी फर्जी खरीद
पुवायां और बंडा मंडी में पिछले काफी समय से रोज हजारों क्विंटल गेहूं की कागजी और फर्जी खरीद चढ़ाई जा रही थी। मिलर अपने आलीशान दफ्तरों में बैठकर ही इस पूरी खरीद का खेल रच रहे थे। इस अनियमितता को लेकर जैसे ही समाचार प्रमुखता से प्रकाशित हुआ, प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आ गया।
जिलाधिकारी के सख्त रुख और औचक जांच के डर से मंडियों में अचानक फर्जी खरीद का ग्राफ नीचे गिर गया। जो मिलर कल तक धड़ल्ले से खरीद दिखा रहे थे, वे अब अपने केंद्रों से नदारद हैं।
मिट्टी मिला गेहूं स्वीकार नहीं: FCI को सख्त निर्देश
फर्जी खरीद पर नकेल कसने के साथ-साथ जिलाधिकारी ने गेहूं की गुणवत्ता को लेकर भी बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने भारतीय खाद्य निगम (FCI) के आला अधिकारियों को स्पष्ट और लिखित निर्देश जारी किए हैं:
किसी भी केंद्र या गोदाम पर मिट्टी मिला हुआ घटिया गेहूं हरगिज नहीं उतारा जाना चाहिए।
सख्त जांच: गेहूं की अनलोडिंग से पहले उसकी गुणवत्ता की बारीकी से जांच की जाए।
कार्रवाई की चेतावनी: यदि कहीं भी मानकों की अनदेखी पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों और एफसीआई कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पत्रकार राघवेन्द्र मिश्रा
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