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“पत्नी ने रची नागिन जैसी साजिश: मेरठ में पति की हत्या के लिए खरीदा सांप, कलयुगी सोच की हदें पार”

स्पेशल रिपोर्ट-रोचक अग्निहोत्री 

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मेरठ – कभी पत्नी को अर्धांगिनी कहा जाता था सुख-दुख की साथी। लेकिन कलयुग की दौड़ में अब न नाता रहा, न भावना। मेरठ में सामने आई एक खौफनाक वारदात ने इंसानी रिश्तों को फिर कटघरे में खड़ा कर दिया है। यहाँ एक महिला ने अपने ही पति की हत्या के लिए ऐसा षड्यंत्र रचा, जिसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएँ।

पत्नी रविता ने पहले से ही ठान लिया था कि उसे पति से छुटकारा पाना है। लेकिन तलाक नहीं, हत्या। और वो भी ऐसी, जिसमें शक की गुंजाइश न रहे। उसने मुस्कान-साहिल कांड से ‘प्रेरणा’ लेते हुए इस बार नीले ड्रम की जगह चुना एक ज़हरीला सांप। बताया जा रहा है कि रविता ने सपेरे से सांप खरीदा, और फिर रात को सोते समय पति पर छोड़ दिया।

घटना के बाद दावा किया गया कि पति की मौत नींद में सांप के दस बार डसने से हुई है। परिवार को यह बात कुछ हज़म नहीं हुई, तो पोस्टमार्टम करवाया गया। और वहीं खुल गया इस कलयुगी पत्नी की साजिश का पूरा राज।पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि यह कोई सामान्य सांप का हमला नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या है।

अब सवाल ये उठता है कि आखिर इंसान किस हद तक गिर सकता है? रिश्तों का मतलब अब क्या रह गया है? क्या पति-पत्नी का रिश्ता भी अब सौदे और साजिशों का अड्डा बन गया है? सिर्फ मुस्कान या रविता की बात नहीं है, ऐसी कई घटनाएँ हाल के दिनों में देशभर से आ रही हैं, जहाँ पत्नियाँ प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर रही हैं। कई मामलों में ज़हर, गला घोंटना, डंडे से वार, या अब तो सांप जैसे जीवों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

यह सिर्फ अपराध नहीं, मानसिकता की गिरावट का संकेत है।एक ओर महिलाएँ जहां शिक्षा, सम्मान और शक्ति का प्रतीक बन रही हैं, वहीं कुछ मानसिक रूप से विकृत और अपराधी प्रवृत्ति की महिलाएँ इस पवित्र छवि को कलंकित कर रही हैं।समाज को अब सजग होना होगा। रिश्तों को लेकर सतर्कता और पारदर्शिता ज़रूरी है। साथ ही, ऐसे मामलों पर सख्त कानून और तेज़ न्याय व्यवस्था भी समय की माँग है।

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