कुशीनगर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) महिला मोर्चा की जिला मीडिया प्रभारी पूनम जायसवाल ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। जायसवाल का दावा है कि वरिष्ठ नेताओं के लिए यौन शोषण की बात मानने से इनकार करने के कारण उन्हें एक महत्वपूर्ण राजनीतिक पद नहीं दिया गया।
इसके अलावा उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति को भी एक कारण बताया। उन्होंने कहा कि उनके पास धन की कमी होने की वजह से पार्टी ने उन्हें आगे बढ़ने के योग्य नहीं समझा।
पार्टी की कार्यसंस्कृति पर उठे सवाल
ये आरोप ऐसे समय में सामने आए हैं जब पार्टी ‘नारी वंदन’ और महिला सशक्तिकरण के नैरेटिव को आगे बढ़ा रही है। जायसवाल के सार्वजनिक बयान ने बीजेपी की आंतरिक संस्कृति, महिला कार्यकर्ताओं के साथ होने वाले व्यवहार और राजनीतिक पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है।
पार्टी अक्सर राजनीति में लैंगिक समानता और महिलाओं के लिए अवसर पैदा करने पर जोर देती है, लेकिन जायसवाल की गवाही ने इन दावों पर संदेह पैदा कर दिया है। अब तक बीजेपी के वरिष्ठ नेतृत्व ने जायसवाल द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की है।









