बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 3 नवंबर, 2026 को दिल्ली में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दिए अपने बयानों से एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। कानून और व्यवस्था की स्थिति पर बात करते हुए चौधरी ने कहा, “बिहार में क्राइम हो सकता है, लेकिन अपराध नहीं। हमारे राज्य में अपराध की अवधारणा खत्म हो गई है। यहाँ अब अपराध जैसी कोई चीज़ नहीं रही।”
“क्राइम” और “अपराध” के बीच इस अंतर को बताने के बाद विपक्षी दलों ने तुरंत उनकी आलोचना की है। विपक्ष ने राज्य के सुरक्षा माहौल को लेकर प्रशासन के दावों पर सवाल उठाए हैं।
सुरक्षा नीति और जीरो टॉलरेंस का दावा
यह विवाद सम्राट चौधरी द्वारा पूरे 2026 के दौरान दिए गए पिछले बयानों के बाद शुरू हुआ है। उन्होंने आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ अपनी “जीरो-टॉलरेंस” नीति का जिक्र किया था और बार-बार चेतावनी दी थी कि पुलिस बल को चुनौती देने वालों को त्वरित परिणाम भुगतने होंगे।
सम्राट चौधरी 15 अप्रैल, 2026 को शपथ लेने के बाद से बिहार के मुख्यमंत्री हैं। उनका लगातार यह कहना है कि उनकी सरकार संगठित आपराधिक तत्वों के प्रभाव को खत्म करने में सफल रही है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस बयान ने सरकार की आंतरिक सुरक्षा रणनीति और राज्य में सार्वजनिक सुरक्षा की व्यावहारिक परिभाषाओं पर चर्चा दोबारा शुरू कर दी है।









