बाराबंकी पुलिस ने रामनगर इलाके में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मन्नू की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने इस अपराध के लिए पीड़िता के भाई संदीप और उसकी पत्नी शीतल को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, हत्या के पीछे करीब 42 लाख रुपये के मुआवजे के पैसे का लालच था। मंगलवार को एडिशनल सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (नॉर्थ) विवेक तिवारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले का खुलासा किया, जिसमें रामनगर सर्किल ऑफिसर गरिमा पंत भी मौजूद थीं।
मुआवजे के पैसों के लिए रची साजिश
जांच में सामने आया कि संदीप को उसके घर का मुआवजा मिला था, जिसे महादेवा कॉरिडोर प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहित किया गया था। संदीप को डर था कि उसे यह पैसा अपनी बहन के साथ बांटना पड़ेगा, इसलिए उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची।
इन आरोपियों की गिरफ्तारी SWAT टीम, सर्विलांस यूनिट और रामनगर पुलिस के एक संयुक्त टास्क फोर्स द्वारा की गई है।









