Jio Platforms Limited ने शुक्रवार को अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) बंद कर दिया। इस दौरान कंपनी को 1.31 करोड़ से ज्यादा आवेदन मिले, जिसके साथ ही वह 1 करोड़ आवेदन का आंकड़ा पार करने वाली दुनिया की पहली कंपनी बन गई है।
BSE और NSE के आंकड़ों के मुताबिक, इस इश्यू को कुल मिलाकर 18.6 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। यह प्रदर्शन Waaree Energies के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ चुका है, जिसे करीब 97 लाख आवेदन मिले थे।
यह IPO पूरी तरह से फ्रेश इश्यू है, जिसमें 27 करोड़ इक्विटी शेयर जारी किए गए हैं। कंपनी ने अपने प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर 30,213 करोड़ रुपये तक जुटाने का लक्ष्य रखा है।
Reliance Industries की हिस्सेदारी और कंपनी का विस्तार
Reliance Industries Limited इस इश्यू से पहले कंपनी में करीब 66.4 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती थी। वह अभी भी प्रमोटर बनी हुई है और इस प्रक्रिया में अपनी कोई भी हिस्सेदारी नहीं बेच रही है।
Reliance ने साल 2019 में Jio Platforms को शामिल किया था। इसे अपने टेलीकॉम ऑपरेशंस और डिजिटल सेवाओं के लिए एक होल्डिंग कंपनी के तौर पर बनाया गया था।
कंपनी की फाइलिंग के अनुसार, अब यह बिजनेस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, होम ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज सेवाओं के क्षेत्र में अपना विस्तार कर रहा है।
निवेशकों की भागीदारी और मार्केट वैल्यू
IPO में रिटेल निवेशकों की भारी दिलचस्पी के साथ-साथ संस्थागत निवेशकों ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। 19 अक्टूबर को एंकर निवेशकों ने 1,119 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर 8,109.85 करोड़ रुपये निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई थी।
अलग-अलग श्रेणियों के निवेशकों की भागीदारी इस प्रकार रही:
- क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB), एंकर बुक को छोड़कर, ने करीब 56 गुना सब्सक्रिप्शन लिया।
- नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) का सब्सक्रिप्शन स्तर 13.9 गुना रहा।
- रिटेल निवेशकों ने करीब 2.66 गुना सब्सक्रिप्शन लिया।
रिटेल लॉट के लिए न्यूनतम निवेश 12 शेयर का था, जिसकी कीमत ऊपरी प्राइस बैंड पर 13,428 रुपये थी। ऊपरी बैंड पर कंपनी का मूल्यांकन करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये या लगभग 108 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो जाता है।
ग्रे मार्केट प्रीमियम की रिपोर्टों में क्लोजिंग के करीब 245 से 250 रुपये की रेंज बताई गई। हालांकि, कंपनी ने चेतावनी दी है कि ऐसे अनौपचारिक आंकड़े भविष्य के प्रदर्शन की गारंटी नहीं होते हैं।
अलॉटमेंट की तारीख और फंड का इस्तेमाल
बिडिंग की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर 21 अक्टूबर को शुरू हुई और 23 अक्टूबर 2026 को समाप्त हुई। बाजार में भारी मांग के कारण पहले ही दिन खुलने के 100 मिनट के भीतर ही स्टॉक पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था।
Motilal Oswal, Swastika Investmart और Canara Bank Securities जैसे ब्रोकरेज ने इन रुझानों पर नजर रखी है। उनका कहना है कि निवेशक लंबी अवधि के कंपाउंडिंग की उम्मीद कर रहे हैं।
निवेशकों के लिए अलॉटमेंट का आधार 26 अक्टूबर 2026 को घोषित होने की उम्मीद है। रिफंड और डीमैट खातों में शेयरों का क्रेडिट अगले ही दिन यानी 27 अक्टूबर को किया जाएगा।
BSE और NSE पर शेयरों की अंतिम लिस्टिंग 28 अक्टूबर 2026 को होने की संभावना है। कंपनी इस IPO से मिलने वाली राशि का मुख्य उपयोग अपनी सहायक कंपनी Reliance Jio Infocomm के कर्ज चुकाने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।































