इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को साल 2027 में इज़राइल के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान एक औपचारिक मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया है। इस विशेष निमंत्रण में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छड़ को भी शामिल किया गया है। कैप्टन स्मित मच्छड़ ने हाल ही में दुबई से तेल अवीव की एक उड़ान के दौरान एक बड़े हवाई हादसे को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
यह पूरा घटनाक्रम 22 अक्टूबर 2026 को दोनों नेताओं के बीच हुई एक फोन कॉल के बाद सामने आया है। प्रधानमंत्री मोदी ने X पर इस बातचीत की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि उन्होंने और बेंजामिन नेतन्याहू ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और क्षेत्रीय स्थिरता के साथ-साथ शांति की तत्काल आवश्यकता पर चर्चा की।
पायलट स्मित मच्छड़ की बहादुरी और विमान हादसा
कैप्टन स्मित मच्छड़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान तब मिली जब 30 सितंबर 2026 को एक गंभीर घटना घटी। वह flydubai की फ्लाइट FZ1073 की कमान संभाल रहे थे, जिसमें लगभग 174 लोग सवार थे। इसी दौरान कॉकपिट के अंदर उनके ओमानी सह-पायलट ने उन पर क्रैश एक्स (कुल्हाड़ी) से हमला कर दिया।
हमले के दौरान कैप्टन मच्छड़ के सिर पर गंभीर चोटें आईं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। दरवाजा खुलने से चालक दल के सदस्यों और यात्रियों, जिनमें ड्यूटी से बाहर मौजूद पायलट भी शामिल थे, को हस्तक्षेप करने और हमलावर को काबू करने का मौका मिला।
इसके बाद विमान को आपातकालीन लैंडिंग के लिए सऊदी अरब के तबुक में मोड़ा गया, जहाँ विमान में सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए। द ट्रिब्यून और द टाइम्स ऑफ इज़राइल जैसे विभिन्न मीडिया आउटलेट्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमीराती अधिकारियों ने बाद में निष्कर्ष निकाला कि सह-पायलट का इरादा आत्मघाती हमला करना था।
राजनयिक संबंध और मशाल समारोह का महत्व
बेंजामिन नेतन्याहू ने अक्टूबर की शुरुआत में ही सार्वजनिक रूप से पायलट को एक नायक बताया था। इसके बाद उन्होंने अपने भारतीय समकक्ष के साथ हालिया कॉल के दौरान इस निमंत्रण को औपचारिक रूप दिया। इज़राइली प्रधानमंत्री ने X पर लिखा कि उन्होंने मोदी से बहादुर भारतीय पायलट के साथ मशाल जलाने का अनुरोध किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने नेतन्याहू को धन्यवाद दिया और इस बात पर जोर दिया कि भारत और इज़राइल जमीन और हवा दोनों में आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ रहे हैं। मशाल जलाने का यह समारोह यरूशलेम के माउंट हर्ज़ल पर हर साल आयोजित होने वाला एक हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम है। यह समारोह मेमोरियल डे से स्वतंत्रता दिवस (योम हात्ज़माउट) की ओर एक प्रतीकात्मक बदलाव को दर्शाता है।
साल 2027 का यह आयोजन 11 मई को सूर्यास्त से लेकर 12 मई की रात तक निर्धारित किया गया है। रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह निमंत्रण खुफिया जानकारी, रक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच मौजूदा सहयोग को उजागर करता है।
निमंत्रण की वर्तमान स्थिति और प्रक्रिया
हालांकि इस समारोह के प्रतिभागियों के चयन के लिए एक मानक सरकारी चयन प्रक्रिया लागू होती है और नेतन्याहू के पास अकेले चयन करने का अधिकार नहीं है, फिर भी इस सार्वजनिक इशारे का बड़ा राजनयिक महत्व है। किसी विदेशी सरकार के प्रमुख की भागीदारी इस विशिष्ट राष्ट्रीय समारोह के लिए एक असामान्य और उल्लेखनीय घटना होगी।
यदि इस निमंत्रण को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया जाता है, तो भारतीय और इज़राइली अधिकारी रसद और व्यवस्थाओं के समन्वय के लिए आगे बढ़ सकते हैं। हालांकि, कैप्टन स्मित मच्छड़ की रिकवरी की सटीक स्थिति और उनकी यात्रा करने की क्षमता के बारे में अभी पुष्टि नहीं हुई है।
- संयुक्त अरब अमीरात में इस घटना की जांच अभी भी सक्रिय रूप से चल रही है।
- इज़राइली अधिकारी 2027 के समारोह के लिए अपनी मानक चयन प्रक्रिया जारी रखेंगे।
- तारीख नजदीक आने पर सरकारी कार्यालयों से और अधिक बयानों की उम्मीद है।
यह निमंत्रण भारत और इज़राइल की साझेदारी के मानवीय पहलू को दर्शाता है, जो एक व्यक्ति के साहस और व्यापक रणनीतिक सहयोग के बीच की दूरी को कम करता है।































