उत्तर प्रदेश के हापुड़ में 21 अक्टूबर 2026 को एक संपत्ति विवाद से जुड़ी मारपीट के मामले में पुलिस कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा हुआ। इस दौरान 100 से अधिक लोग पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पर इकट्ठा हुए और जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों में श्री ब्राह्मण सभा और भारतीय किसान यूनियन (BhaKiU) जैसे संगठनों के लोग शामिल थे। इसके साथ ही सर्व समाज के सदस्यों ने भी इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया और अपनी नाराजगी जाहिर की।
प्रदर्शन करने वाले लोगों ने स्थानीय पुलिस के कामकाज पर गहरा असंतोष जताया। उनका कहना था कि पिछले तीन दिनों से शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद स्थानीय पुलिस ने अब तक कोई केस दर्ज नहीं किया है।
संदीप शर्मा पर हमला और सामान की लूट का आरोप
इस पूरे मामले का पीड़ित संदीप शर्मा है, जो श्रद्धाानंद शर्मा का बेटा है और आवास विकास कॉलोनी का निवासी है। संदीप शर्मा का अपना एक गेमिंग जोन है, जहाँ वह काम करता है।
संदीप शर्मा के अनुसार, यह घटना 18 अक्टूबर 2026 को शाम लगभग 6:30 बजे हुई थी। उसने आरोप लगाया कि कुछ अज्ञात लोगों ने उसकी किराए की दुकान को जबरन बंद करने की कोशिश की।
पीड़ित का दावा है कि हमलावरों ने उसकी दुकान से लगभग 5 लाख रुपये मूल्य का सामान छीनने की कोशिश की। इस विवाद के दौरान उसके साथ जानलेवा हमला किया गया।
संदीप ने बताया कि मारपीट के दौरान हमलावरों ने उसकी आंख और मुंह पर वार किया। उसे गंभीर चोट पहुंचाने की नीयत से कथित तौर पर एक रेलिंग की तरफ धक्का भी दिया गया।
पुलिस अधीक्षक ने एएसपी को सौंपी जांच
एसपी ऑफिस पर हुए इस बड़े प्रदर्शन के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया है और अधिकारियों ने मामले में हस्तक्षेप किया है।
पुलिस अधीक्षक ने अब इस मामले की जांच औपचारिक रूप से अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) को सौंप दी है। एएसपी को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह मारपीट और संपत्ति जब्त करने के आरोपों की पूरी जांच करें।
इस बीच, पीड़ित संदीप शर्मा और उनका समर्थन कर रहे विभिन्न संगठन अब भी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। वे चाहते हैं कि इस मामले में शामिल सभी आरोपी पक्षों के खिलाफ जल्द से जल्द औपचारिक केस दर्ज किया जाए।

























