बीजेपी विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने प्रयागराज के जिला मजिस्ट्रेट से संपर्क कर स्थानीय मतदाता सूची में भारी गड़बड़ियों की शिकायत की है। उन्होंने इस पूरे मामले की गहन जांच कराने की औपचारिक मांग की है।
विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह के साथ एक प्रतिनिधिमंडल भी जिला मजिस्ट्रेट के पास गया था। इस दल में राज्यसभा सदस्य, एमएलसी, वकील और महानगर के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
विधायक ने आरोप लगाया है कि वोटर लिस्ट में लगभग 3,200 नाम दोहराए गए हैं। कुछ मामलों में तो एक ही व्यक्ति का नाम सात बार तक दर्ज किया गया है।
जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग
सिद्धार्थ नाथ सिंह ने स्थिति की गंभीरता पर जोर दिया है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया है कि इस मामले की पूरी जांच शुरू की जाए।
विधायक ने मांग की है कि इस गड़बड़ी में शामिल लोगों को हिरासत में लिया जाए। ताकि वे लोग चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा न ले सकें। उन्होंने पूरी जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और उन्हें सजा दिलाने की बात कही है।
यूपी में वोटर लिस्ट सुधार की प्रक्रिया
यह शिकायत ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूचियों को सुधारने का काम चल रहा है। राज्य भर में वोटर लिस्ट को सटीक बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे दोहराए गए नामों को हटाने की प्रक्रिया में तेजी लाएं। इसके लिए ECINET प्लेटफॉर्म और बूथ स्तर के अधिकारियों द्वारा फिजिकल फील्ड वेरिफिकेशन का उपयोग किया जा रहा है।
निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और चेतावनी
भारत निर्वाचन आयोग सटीक डेटाबेस बनाए रखने के लिए डिजिटल और मैनुअल दोनों तरीकों का इस्तेमाल करता है। नामों को हटाने के लिए फॉर्म 7 का उपयोग किया जाता है।
- ECINET प्लेटफॉर्म के जरिए डिजिटल जांच की जा रही है।
- बूथ लेवल ऑफिसर जमीन पर जाकर भौतिक सत्यापन कर रहे हैं।
- नाम हटाने के लिए फॉर्म 7 की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
प्रशासन 12 नवंबर 2026 को मतदाता सूचियों का ड्राफ्ट प्रकाशित करने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि नामों को हटाने की प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बरतने पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

























