उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने 21 अक्टूबर, 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) को एक कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर निषाद समुदाय के लिए आरक्षण की मांग पूरी नहीं की गई, तो वे राजनीतिक विकल्पों की तलाश करेंगे।
दिल्ली में आयोजित ‘संवैधानिक सुरक्षा अधिकार सम्मेलन’ के दौरान डॉ. संजय निषाद ने यह बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार मछली पकड़ने वाले समुदाय को आरक्षण के अधिकार देने में विफल रहती है, तो पार्टी “दूसरे दरवाजे” को खोजने के लिए स्वतंत्र होगी।
उन्होंने यह भी आगाह किया कि यदि उम्मीदों को नजरअंदाज किया गया, तो बीजेपी को “धोखे” का सामना करना पड़ सकता है।
पार्टी की सफलता और गठबंधन की शर्तें
अपनी पार्टी के सफर पर चर्चा करते हुए डॉ. संजय निषाद ने कहा कि साल 2013 से 2026 तक के पिछले 13 साल “अभूतपूर्व सफलता के 10 वर्ष” रहे हैं। उनका दावा है कि पार्टी अब केवल “नाव” का प्रतिनिधित्व करने वाली इकाई नहीं रही, बल्कि चुनावों में एक निर्णायक कारक बन चुकी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी और समाजवादी पार्टी दोनों ने गठबंधन बनाए रखने में दिलचस्पी दिखाई है। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि भविष्य में कोई भी समर्थन पूरी तरह से आरक्षण के मुद्दे को हल करने पर निर्भर करेगा।
विपक्ष को चुनौती और चुनावी रणनीति
इस कार्यक्रम के दौरान डॉ. संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को गोरखपुर से चुनाव लड़ने की चुनौती दी। इसके साथ ही उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों को यह चुनौती भी दी कि वे बीजेपी के समर्थन के बिना विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की कोशिश करें।
यह राजनीतिक हलचल एक बड़े अभियान का हिस्सा है। मार्च 2026 में निषाद पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले कई रैलियां करने की घोषणा की थी।
आक्रामक तेवर और भविष्य के संकेत
अक्टूबर 2026 में एक जनसभा के दौरान डॉ. संजय निषाद के बयानों में काफी तीव्रता देखी गई। उन्होंने अपने समर्थकों से शारीरिक हमले का जवाब देने के लिए कहा और ऐसे कार्यों के लिए कानूनी सहायता देने का वादा किया।
हालांकि, इससे पहले जुलाई 2026 में उन्होंने दावा किया था कि 2027 के चुनावों में बीजेपी ही सत्ता में रहेगी। उन्होंने एक पॉडकास्ट में यह भी दोहराया था कि NDA पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ेगा।
2027 के चुनाव चक्र के करीब आते ही डॉ. संजय निषाद का कहना है कि उनकी पार्टी अपने सहयोगियों के प्रति प्रतिबद्ध है, बशर्ते वे सहयोगी उनके समुदाय के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करें।

























