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अमेठी: किसान का आरोप, पुलिस की मदद से दूसरे पक्ष ने गलत प्लॉट की फसल काटी

अमेठी जिले के संग्रामपुर पुलिस थाना क्षेत्र के भुसहरी गांव में जमीन और फसल की कटाई को लेकर एक विवाद सामने आया है। यहां के किसान राम अधार पाल ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने दूसरे पक्ष का साथ दिया, जिससे उनके गाटा नंबर 544 पर खड़ी धान की फसल काट ली गई।

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शिकायतकर्ता राम अधार पाल ने बुधवार सुबह अमेठी के उप-जिलाधिकारी (SDM) को एक औपचारिक शिकायत सौंपी। उन्होंने इस पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। किसान का आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत के कारण ही उनकी फसल काटी गई है।

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उस समय SDM की अनुपस्थिति थी, जिसके कारण तहसीलदार ने इस मामले में हस्तक्षेप किया। तहसीलदार ने एक राजस्व लेखापाल (लेखपाल) को मौके पर जाकर जांच करने और तथ्यात्मक रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए।

पुलिस और किसान के दावों में अंतर

संग्रामपुर के थाना प्रभारी (SHO) ने इस मामले में अपना पक्ष रखा है। उन्होंने बताया कि जिस दूसरे पक्ष ने फसल काटी, उनके पास गाटा नंबर 543 से संबंधित अदालत का आदेश था। पुलिस का कहना है कि इसी कोर्ट ऑर्डर के आधार पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया और फसल काटने की अनुमति दी।

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दूसरी तरफ, राम अधार पाल का दावा है कि उन्होंने पुलिस को स्पष्ट रूप से बताया था कि खड़ी धान की फसल गाटा नंबर 544 पर है। उनका तर्क है कि एक अलग प्लॉट के कोर्ट ऑर्डर का इस्तेमाल कर उनकी फसल काटना उनके साथ बड़ा अन्याय है।

लेखपाल की जांच और किसान की मांग

शिकायत मिलने के बाद राजस्व लेखापाल शारदा प्रसाद ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। लेखपाल की रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है कि शिकायतकर्ता द्वारा बताई गई धान की फसल वास्तव में काट ली गई थी।

राम अधार पाल ने प्रशासन पर भरोसा जताते हुए अपनी मांग रखी है। उन्होंने कहा है कि यदि जांच में वह गलत पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। लेकिन अगर उनकी फसल गलत तरीके से काटी गई है, तो दूसरे पक्ष को नुकसान की भरपाई के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।

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अब इस पूरे मामले का समाधान कोर्ट ऑर्डर, राजस्व रिकॉर्ड और साइट निरीक्षण रिपोर्ट के मिलान के बाद होगा। विवाद का मुख्य बिंदु यह है कि क्या गाटा नंबर 544 पर फसल काटने की अनुमति गाटा नंबर 543 के कोर्ट ऑर्डर के जरिए दी जा सकती थी।

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