Stellantis India ने अपनी गाड़ियों के विकास के समय को घटाकर अब केवल 24 महीने करने का रणनीतिक फैसला लिया है। कंपनी ने यह बड़ा कदम भारतीय बाजार की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए उठाया है।
इस नई योजना के तहत कंपनी 2030 तक Jeep और Citroen ब्रांड के कुल 12 नए मॉडल बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है। CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रोडक्ट डेवलपमेंट की इस रफ्तार को बढ़ाने का मकसद तेजी से बदलते ऑटोमोटिव सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखना है।
कंपनी अब घरेलू खरीदारों की खास जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक आक्रामक लोकलाइजेशन रणनीति पर काम कर रही है। इसका मतलब है कि भविष्य के मॉडल्स को भारतीय ग्राहकों की पसंद के हिसाब से तैयार किया जाएगा।
स्थानीय उत्पादन और टाटा मोटर्स के साथ साझेदारी
इस पूरे विस्तार योजना के केंद्र में मैन्युफैक्चरिंग एफिशिएंसी यानी उत्पादन क्षमता को बढ़ाना है। Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार, Stellantis देश के भीतर अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए Tata Motors के साथ मैन्युफैक्चरिंग पार्टनरशिप कर रही है।
इस कदम से स्थानीय सप्लायर्स को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है क्योंकि कंपनी अब ग्लोबल सप्लाई चेन पर अपनी निर्भरता कम करना चाहती है। Business Standard में दिए गए विशेषज्ञों के हवाले से बताया गया है कि मौजूदा माहौल में वॉल्यूम ग्रोथ को बनाए रखने के लिए रफ्तार बहुत जरूरी है।
ग्राहकों के लिए नए विकल्प और बाजार की चुनौती
प्रोडक्ट रिफ्रेश साइकिल को छोटा करके कंपनी अपनी गाड़ियों को नया और आकर्षक बनाए रखना चाहती है। इससे अलग-अलग तरह के पावरट्रेन पसंद करने वाले विविध ग्राहकों को लुभाया जा सकेगा। अगले चार सालों में ग्राहकों के पास मॉडल चुनने के लिए ज्यादा विकल्प उपलब्ध होंगे।
Jeep और Citroen दोनों ब्रांड्स के लॉन्च की बढ़ती फ्रीक्वेंसी से अन्य प्रतिस्पर्धी कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य कंपनी के पोर्टफोलियो को भारतीय सड़कों की जटिलताओं और यूजर की आदतों के अनुरूप ढालना है।
अगले दशक के लक्ष्य और कार्यान्वयन
आने वाले दशक के रोडमैप में नए हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर अपडेट्स को पेश करने की एक स्पष्ट समयसीमा तय की गई है। हालांकि, इस चरण के लिए निवेश की सटीक राशि का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन पूरा ध्यान ऑपरेशनल चपलता और बेहतर इंजीनियरिंग साइकिल पर है।
- 2030 तक होने वाला हर लॉन्च इसी नए और छोटे डेवलपमेंट फ्रेमवर्क पर आधारित होगा।
- इन तेज रफ्तार साइकिलों को लागू करने का काम पर्दे के पीछे शुरू हो चुका है।
- आने वाली रिपोर्ट्स में उन खास सेगमेंट की जानकारी मिलेगी जिनमें ये 12 वाहन शामिल होंगे।
वर्तमान में ये वाहन डिजाइन स्टेज से निकलकर फुल प्रोडक्शन की ओर बढ़ रहे हैं। कंपनी अब बाजार में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने के लिए इस आक्रामक रिलीज शेड्यूल की ओर बढ़ रही है।

























