उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले ने ‘स्पेशल एम्प्लॉयमेंट जनरेशन डे’ पहल के तहत पूरे राज्य में दूसरा स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि जिले के प्रशासनिक नेतृत्व और बेहतर प्रबंधन के कारण मिली है।
जिलाधिकारी Rajesh Kumar Pandey और मुख्य विकास अधिकारी Sunil Kumar Dhanwanta के नेतृत्व में जिले ने इस अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया। प्रशासन ने 41,264 मजदूरों की उपस्थिति को ऑनलाइन अपलोड किया, जो स्थानीय रोजगार प्रयासों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
Viksit Bharat G-RAM G Yojana का लक्ष्य
यह पूरी उपलब्धि ‘Viksit Bharat G-RAM G Yojana’ से जुड़ी हुई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को साल भर में 125 दिनों का अकुशल रोजगार उपलब्ध कराना है।
योजना के माध्यम से न केवल लोगों को काम मिल रहा है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में टिकाऊ ग्रामीण संपत्तियों का निर्माण भी किया जा रहा है। इसके जरिए गांव के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
प्रशासनिक प्रयास और डिजिटल निगरानी
राज्य स्तर पर मिली यह रैंकिंग प्रशासनिक तालमेल का नतीजा है। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि ई-मस्टर रोल समय पर पूरे हों और सभी रिकॉर्ड अपडेट रहे।
काम की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने खास इंतजाम किए थे। इसके तहत वर्कसाइट्स की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के जरिए पूरा दस्तावेजीकरण किया गया, ताकि काम की सही रिपोर्ट मिल सके।
जिलाधिकारी का कार्यकाल और सामाजिक प्रतिक्रिया
जिलाधिकारी Rajesh Kumar Pandey ने Jalaun में अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद 12 सितंबर, 2026 को बहराइच में कार्यभार संभाला था। Jalaun में भी उनके कार्यकाल के दौरान जनसेवा के नए मानक स्थापित करने के लिए उन्हें सराहा गया था।
बहराइच में उनके प्रशासनिक प्रदर्शन की काफी प्रशंसा हो रही है। रोजगार पंजीकरण में राज्यव्यापी पहचान मिलने के बाद सोशल मीडिया पर स्थानीय निवासियों ने खुशी जाहिर की है और सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।

























