दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए उन मतदाताओं को फिर से पंजीकरण करने की अनुमति दे दी है, जिनके नाम स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे। कोर्ट ने कहा है कि ऐसे लोग Form-6 भरकर अपना नाम दोबारा जुड़वा सकते हैं।
इस मामले की सुनवाई जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस अदिति चौधरी की बेंच ने की। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में यह चिंता जताई थी कि दोबारा नामांकन के लिए Form-6 जमा करने पर उन्हें ‘गलत घोषणा’ करने के लिए कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
कोर्ट ने इन आशंकाओं को गलत बताया और साफ किया कि वैध मतदाताओं के लिए यह फॉर्म भरना कोई कानूनी जोखिम पैदा नहीं करता है। इस स्पष्टीकरण के बाद अब प्रभावित लोग बिना किसी डर के अपनी वोटिंग स्थिति बहाल कर सकते हैं।
चुनाव आयोग की सलाह और कानूनी प्रक्रिया
सुनवाई के दौरान Election Commission of India (ECI) की ओर से वकील संजय वशिष्ठ ने पेशी की। उन्होंने औपचारिक रूप से सुझाव दिया कि जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हट गए हैं, वे Form-6 का उपयोग करके अपना नाम वापस जोड़ें।
यह तरीका Electoral Registration Officer के निर्देशों के तहत तैयार किया गया है। इसके जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी आवेदनों को तय कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार ही प्रोसेस किया जाए।
वोटर लिस्ट की त्रुटियां और फॉर्म का चयन
यह न्यायिक हस्तक्षेप राजधानी के चुनावी डेटाबेस की शुद्धता को लेकर उठ रही चिंताओं के बाद आया है। 2026 SIR प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों ने दिल्ली की वोटर लिस्ट में लगभग 33 लाख लॉजिकल गलतियां पाई थीं।
इन गलतियों में से 20 लाख त्रुटियों को अब तक ठीक किया जा चुका है। डेटाबेस में सुधार की यह प्रक्रिया लगातार जारी है ताकि मतदाता सूची सटीक रहे।
कुछ याचिकाकर्ताओं ने शुरुआत में Form-8 का उपयोग करने की मांग की थी। आमतौर पर Form-8 का इस्तेमाल पते में बदलाव या सुधार के लिए किया जाता है, लेकिन कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों के नाम पूरी तरह हटा दिए गए थे, उनके लिए Form-6 ही सही और सुरक्षित रास्ता है।
कानूनी कार्रवाई की आशंका खत्म
ECI ने इस बात की पुष्टि की है कि Form-6 का उपयोग करने वाले किसी भी व्यक्ति पर गलत घोषणा का आरोप नहीं लगाया जाएगा। आयोग के इस आश्वासन के बाद कोर्ट ने याचिका को आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया है।
अब प्रभावित मतदाता निम्नलिखित प्रक्रिया अपना सकते हैं:
- वोटर लिस्ट में नाम की जांच करें।
- यदि नाम हटा दिया गया है, तो Form-6 भरें।
- निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत आवेदन जमा करें।

























