लॉरेंस बिश्नोई गैंग पिछले चार साल के दौरान भारत और विदेशों में मशहूर हस्तियों को निशाना बनाने वाले आठ हाई-प्रोफाइल गोलीकांडों से जुड़ा रहा है। इस गैंग की हिंसा की ताज़ा घटना आज, 18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में सामने आई है।
इस हमले में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलियां चलाई गईं, जिसमें उनके ड्राइवर को चोट आई है। इस वारदात के बाद गैंग के सदस्य अनिल पंडित नामक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर इसकी जिम्मेदारी ली है।
अनिल पंडित ने दावा किया कि यह हमला इसलिए किया गया क्योंकि टाइगर श्रॉफ पेशेवर तौर पर सलमान खान से जुड़े हुए हैं। हिंसा का यह सिलसिला पिछले कई सालों से अलग-अलग शहरों और देशों में चल रहा है।
दिल्ली और मुंबई में सेलिब्रिटीज को निशाने पर लिया
जून 2026 में दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में एक जिम के बाहर फायरिंग की खबर आई थी। यह जिम गायक गुरु रंधावा से जुड़ा हुआ था। इसी तरह 1 फरवरी 2026 को फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर पर गोलियां चलाई गईं।
रोहित शेट्टी के घर पर हुए हमले में कोई घायल नहीं हुआ था, लेकिन गैंग ने सोशल मीडिया के जरिए इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। मुंबई में एक और बड़ी घटना 14 अप्रैल 2024 को हुई थी।
इस दिन बांद्रा स्थित सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर फायरिंग की गई थी। इस हमले की जिम्मेदारी अनमोल बिश्नोई ने ली थी।
कनाडा और पंजाब में गैंग की हिंसक वारदातें
लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपने हमले फैलाए हैं। 15 अक्टूबर 2025 को कनाडा के सरे शहर में कॉमेडियन कपिल शर्मा के ‘कॅप्स कैफे’ (Kap’s Cafe) को निशाना बनाया गया। यह कनाडा में इस तरह का तीसरा हमला था।
इससे पहले सितंबर 2024 में रैपर एपी ढिल्लों के वैंकूवर स्थित घर पर गोलियां चलाई गई थीं। इस मामले में एक भारत-कनाडाई संदिग्ध को छह साल की जेल की सजा सुनाई गई। नवंबर 2023 में गायक गिप्पी ग्रेवाल के वैंकूवर स्थित घर पर भी फायरिंग हुई थी।
हिंसा का सबसे दुखद मोड़ 29 मई 2022 को आया जब पंजाब के मानसा में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या कर दी गई। इस हत्या की साजिश गैंग के सहयोगी गोल्डी Brar ने रची थी।
जेल में बंद बिश्नोई और पुलिस की कानूनी मजबूरी
लॉरेंस बिश्नोई फिलहाल गुजरात की साबरमती जेल में बंद है। आम जनता अक्सर यह सवाल उठाती है कि अधिकारियों ने गैंग लीडर के खिलाफ ‘एनकाउंटर’ क्यों नहीं किया।
पूर्व इंस्पेक्टर अमनजोत सिंह सहित कानून प्रवर्तन अधिकारियों का कहना है कि पुलिस पूरी तरह से कानूनी ढांचे के भीतर काम करती है। उनका कहना है कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल गिरफ्तारी और जांच करने तक सीमित है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनके पास कानूनी तौर पर एक्स्ट्रा-जुडिशियल किलिंग यानी बिना कानूनी प्रक्रिया के हत्या करने का अधिकार नहीं है। ऐसा करने पर पुलिसकर्मियों को खुद आपराधिक जवाबदेही का सामना करना पड़ेगा।
वर्तमान में बिश्नोई गृह मंत्रालय द्वारा लगाए गए सुरक्षा कवर और नियामक प्रतिबंधों के तहत है। इन प्रतिबंधों की वजह से उसे अन्य राज्य एजेंसियों द्वारा पूछताछ के लिए ट्रांसफर नहीं किया जा सकता।

























