आजाद समाज पार्टी (कांशी राम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनौती दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की है कि वे आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में बिजनौर जिले की किसी भी सीट से उनके खिलाफ चुनाव लड़ें।
यह चुनौती अमरोहा के हसनपुर में आयोजित एक सार्वजनिक सभा के दौरान दी गई। यह कार्यक्रम 42 हसनपुर विधानसभा क्षेत्र के पार्टी प्रभारी शाहनवाज चौधरी के समर्थन में रखा गया था।
बिजनौर की सीटों पर मुकाबला और शर्त
चंद्रशेखर आजाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बिजनौर की आठ विधानसभा सीटों में से किसी पर भी मुकाबला करने का खुला निमंत्रण दिया है। उन्होंने विशेष रूप से बदलापुर, धामपुर, चांदपुर, बिजनौर सिटी और नजीबाबाद जैसी सीटों के नाम लिए।
इस मुकाबले को लेकर आजाद ने एक बड़ी शर्त भी रखी है। उन्होंने घोषणा की है कि यदि वे योगी आदित्यनाथ को हराने में असफल रहे, तो वे राजनीति छोड़ देंगे।
पुराना चुनावी रिकॉर्ड और ईवीएम पर सवाल
अपने संबोधन के दौरान आजाद ने अपने पुराने राजनीतिक सफर को याद किया। उन्होंने बताया कि वे 2022 के चुनाव में गोरखपुर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ खड़े हुए थे।
उन्होंने स्वीकार किया कि उस चुनाव में वे हार गए थे और उनकी जमानत भी जब्त हो गई थी। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मुख्यमंत्री को उनके अपने गृह क्षेत्र में चुनौती देने का साहस उन्होंने दिखाया था।
चुनाव प्रक्रिया पर बात करते हुए आजाद ने वर्तमान व्यवस्था की ईमानदारी पर सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए भविष्य के चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय पेपर बैलट से कराए जाने चाहिए।
अन्य राजनीतिक घटनाक्रम और आगामी रैली
इस तरह की चुनौती पहले समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा भी दी गई थी। अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री से अयोध्या सीट से चुनाव लड़ने को कहा था, जिस पर आदित्यनाथ ने जवाब देते हुए यादव को उसी सीट पर चुनाव लड़ने का स्वागत किया था।
18 अक्टूबर 2026 तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से चंद्रशेखर आजाद की इस चुनौती पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इसके अलावा, चंद्रशेखर आजाद ने लखनऊ में एक बड़ी रैली की योजना बनाई है। यह रैली 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित की जाएगी।

























