लखनऊ के पुलिस कमिश्नर Tarun Gauba ने हजरतगंज कोतवाली के प्रभारी इंस्पेक्टर Vikram Singh का तबादला कर दिया है। उन्हें तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन भेज दिया गया है।
इस अनुशासनात्मक कार्रवाई के पीछे का आधिकारिक कारण तो नहीं बताया गया है, लेकिन विभागीय सूत्रों का कहना है कि यह कदम बिजनेसमैन Shiva Sharma की हत्या की जांच में हुई लापरवाही के कारण उठाया गया है।
अधिकारियों ने विशेष रूप से इस बात का जिक्र किया कि इंस्पेक्टर Vikram Singh मुख्य आरोपी Shraddha Dubey और इस मामले में शामिल अन्य संदिग्धों को पकड़ने में नाकाम रहे।
मुख्य आरोपी की फरारी और दावे
इस पूरे मामले ने जनता का काफी ध्यान खींचा है क्योंकि मुख्य संदिग्ध Shraddha Dubey पिछले नौ दिनों से पुलिस की पकड़ से बाहर है। खबरों के मुताबिक वह नेपाल के अलग-अलग इलाकों से अपना काम चला रही है।
श्रद्धा दुबे एक मॉडल और इन्फ्लुएंसर है, जिसने मीडिया इंटरव्यू में खुद को निर्दोष बताया है। उसका दावा है कि Shiva Sharma की मौत आत्महत्या थी और वह कहती है कि CCTV फुटेज उसके इस दावे का समर्थन करेंगे।
इनाम में बढ़ोतरी और पुलिस की छापेमारी
जांच में हो रही देरी को देखते हुए पुलिस ने अब सख्ती बढ़ा दी है। पुलिस ने Shraddha Dubey और सह-आरोपी Danish पर रखे गए इनाम को 25,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया है।
आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की आठ से दस विशेष टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें लखनऊ, Raebareli, Bahraich और अंतरराष्ट्रीय सीमा वाले इलाकों में तालमेल बनाकर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
कोर्ट में सरेंडर की कोशिश और संपत्ति कुर्की
पुलिस की टीमें Shraddha Dubey और उसकी बहन Rashmi Dubey की तलाश कर रही हैं। इन दोनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए हैं।
ऐसी खबरें आई थीं कि श्रद्धा दुबे लखनऊ की एक अदालत में सरेंडर कर सकती है और इसके लिए सरेंडर एप्लीकेशन भी दाखिल की गई है। इस संभावना को देखते हुए पुलिस बल को कोर्ट हाउस में तैनात रखा गया है।
कमिश्नर Tarun Gauba की देखरेख में जांच जारी है और अब प्रशासन आरोपियों की संपत्तियों को कुर्क करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

























