Skip to main content

Naradsamvad

ब्रेकिंग न्यूज़
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का अखिलेश यादव पर हमला, सपा नेताओं पर लगाया अपराधियों को बचाने का आरोप उत्तर प्रदेश के हापुड़ में पत्रकार नसीम अहमद की पीट-पीटकर हत्या, विज्ञापन मांगने पर हुआ था विवाद बाराबंकी के अवशनेश्वरी मंदिर में मूर्ति विसर्जन की तैयारियां पूरी, अधिकारियों ने किया सुरक्षा निरीक्षण लखनऊ मर्डर केस: फरार आरोपी श्रद्धा दुबे ने मीडिया को दिए इंटरव्यू, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल आगरा पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने दुर्गा पूजा पंडालों का किया निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था पर दिए निर्देश शिक्षक एमएलसी चुनाव: डॉ संजयन त्रिपाठी के लिए समाजवादी पार्टी ने तेज किया अभियान
[post-views]

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए डिजिटल सर्वे के नतीजे आए, सीएम चेहरे और पार्टियों पर दावे

आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को लेकर एक डिजिटल सर्वे वायरल हुआ है। इस सर्वे ने राज्य में एक बड़ी राजनीतिक बहस छेड़ दी है, जिस पर प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपनी तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं।

Ad image

यह सर्वे News18 Mega Opinion Poll द्वारा किया गया था। यह सर्वे 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 के बीच उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30,925 लोगों ने हिस्सा लिया।

सर्वे के नतीजों में मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर बड़ा दावा किया गया है। 66.2% जनता ने योगी Adityanath को मुख्यमंत्री के रूप में पसंद किया है, जबकि 24.4% लोगों ने अखिलेश Yadav का समर्थन किया है।

ALSO READ  आगरा पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने दुर्गा पूजा पंडालों का किया निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था पर दिए निर्देश

पार्टियों के समर्थन और गठबंधन के आंकड़े

इस ओपिनियन पोल में राजनीतिक दलों और उनके गठबंधनों के लिए भी आंकड़े जारी किए गए हैं। सर्वे के अनुसार, बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA को 66.6% समर्थन मिला है।

दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन को 26.4% समर्थन मिला है। वहीं, बहुजन समाज पार्टी (BSP) के लिए यह आंकड़ा 5.4% दर्ज किया गया है।

मायावती ने सर्वे को बताया फर्जी और भ्रामक

बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने इन नतीजों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने इन सर्वे के परिणामों को ‘फर्जी और भ्रामक’ करार देते हुए कहा कि यह कथित तौर पर पैसों के प्रभाव से प्रेरित हैं।

ALSO READ  भारतीय रिफाइनरियों ने प्रतिबंध लागू करने वाले देशों को भेजा 1.2 अरब डॉलर का ईंधन

मायावती ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे मीडिया द्वारा बनाए गए ऐसे नैरेटिव से विचलित न हों। उन्होंने इसके प्रमाण के रूप में 2007 के विधानसभा चुनावों का उदाहरण दिया और कहा कि जमीनी हकीकत अक्सर सर्वे की भविष्यवाणियों के विपरीत होती है।

मायावती ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के सर्वे केवल जनता का ध्यान भटकाने के लिए डिजाइन किए जाते हैं।

अखिलेश यादव की रणनीति और वोटर लिस्ट का काम

समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश Yadav वर्तमान में बीजेपी को चुनौती देने के लिए अपनी ‘PDA’ (Pichda, Dalit, Alpsankhyak) रणनीति पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

ALSO READ  शाहजहांपुर में वोटर लिस्ट रिवीजन तेज, 2027 के अंतिम प्रकाशन से पहले विशेष कैंप लगेंगे

अखिलेश Yadav का मानना है कि पिछड़ा वर्ग, दलित और अल्पसंख्यकों का गठबंधन चुनाव में अहम होगा। उनके अनुसार यह गठबंधन पारंपरिक मुस्लिम-यादव वोट बैंक और युवाओं के समर्थन के साथ मिलकर आने वाली चुनावी जंग में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

इन राजनीतिक गतिविधियों के बीच, उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने की प्रक्रिया 17 अक्टूबर 2026 को शुरू हो गई है। सभी पार्टियां अब 2027 के चुनावों के लिए अपनी तैयारियों को तेज कर रही हैं।

अन्य खबरे

गोल्ड एंड सिल्वर

Our Visitors

1631605
Total Visitors
error: Content is protected !!