अमेठी के थेनघा स्थित रामघाट पर रविवार को रामघाट विकास सेवा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आने वाले दुर्गा मूर्ति विसर्जन और शरद पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाले बड़े मेले के लिए सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना था।
समिति ने इस आयोजन के दौरान सुरक्षा, साफ-सफाई और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए कई अहम प्रस्ताव पारित किए। थेनघा में हर साल लगने वाला यह मेला आसपास के इलाकों से आने वाली सैकड़ों दुर्गा मूर्तियों के विसर्जन का मुख्य केंद्र रहता है।
आयोजन को भव्य और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए समिति ने अपनी तैयारियों की रफ्तार बढ़ा दी है। बैठक में मेले के प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
सुरक्षा और सुविधाओं के लिए किए गए इंतजाम
समिति ने सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए CCTV कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही पूरे मेला क्षेत्र और घाट पर पर्याप्त बिजली और रोशनी की व्यवस्था की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए एक विशेष स्टेज का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा, मेले में आने वाले दुकानदारों के लिए जगह का औपचारिक आवंटन भी किया गया है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
साफ-सफाई और समिति की सक्रियता
घाट और मेला परिसर को स्वच्छ रखने के लिए सफाई अभियान शुरू कर दिया गया है। परिसर में उगी अनावश्यक घास और खरपतवार को हटाने के लिए खरपतवार नियंत्रण रसायनों का छिड़काव भी किया जा रहा है।
समिति के अध्यक्ष अनुपम मिश्रा ने बताया कि संरक्षक रामकुमार पाल ने टेलीफोन के माध्यम से संपर्क कर नियोजित सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।
बैठक में शामिल हुए सदस्य
इस महत्वपूर्ण बैठक में संरक्षक आशुतोष मिश्रा, कोषाध्यक्ष राधवेन्द्र प्रताप सिंह, संयोजक प्रभाकर उपाध्याय और कानूनी सलाहकार कैलाश शुक्ला मौजूद रहे।
इनके अलावा बैठक में अन्य सदस्य भी शामिल हुए, जिनमें निम्नलिखित लोग शामिल थे:
- हनुमान मिश्रा
- अमन द्विवेदी
- पुलक मिश्रा
- रविंद्र मिश्रा
- सोनू मौर्य
- अवधेश कुमार
- शुभम गुप्ता
समिति ने यह संकल्प लिया है कि मेले और विसर्जन समारोह को पूरी तरह शांतिपूर्ण, सुरक्षित और भव्य तरीके से संपन्न कराया जाएगा।

























