बाराबंकी के बंकी ब्लॉक स्थित बडल के मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट स्कूल में मिशन शक्ति अभियान के तहत एक खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवा लड़कियों के भीतर नेतृत्व क्षमता और लीडरशिप स्किल्स को विकसित करना था।
इस कार्यक्रम के दौरान स्कूल की छात्राओं को प्रशासनिक पदों की जिम्मेदारी सौंपी गई। कक्षा 8 की छात्रा उम्मे हबीबा को एक दिन के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) नियुक्त किया गया।
इसी तरह कक्षा 8 की एक अन्य छात्रा पंखुड़ी ने एक दिन के लिए सहायक वित्त एवं लेखा अधिकारी का पद संभाला। इस पूरी पहल का मकसद विद्यार्थियों को प्रशासनिक जिम्मेदारियों, निर्णय लेने की प्रक्रिया और शिक्षा प्रणाली से रूबरू कराना था।
BSA बनी छात्रा ने शिक्षा व्यवस्था पर रखे विचार
एक दिन की जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के रूप में उम्मे हबीबा ने स्कूल की व्यवस्थाओं पर अपनी बात रखी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छात्रों की संख्या के हिसाब से स्कूलों में पर्याप्त क्लासरूम होने चाहिए।
उम्मे हबीबा ने कहा कि बेहतर पढ़ाई के माहौल के लिए कमरों की संख्या पर्याप्त होना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने शैक्षणिक गतिविधियों को नियमित रखने के लिए पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की तैनाती की वकालत की।
उन्होंने अनुशासन और एकरूपता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मांग भी रखी। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी शिक्षक निर्धारित ड्रेस कोड का सख्ती से पालन करें।
वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता पर जोर
एक दिन की सहायक वित्त एवं लेखा अधिकारी बनीं छात्रा पंखुड़ी ने कुशल वित्तीय प्रबंधन के महत्व पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि स्कूलों के लिए आवंटित फंड का वितरण समय पर होना चाहिए।
पंखुड़ी ने स्पष्ट किया कि समय पर पैसा मिलने से जरूरी गतिविधियों में कोई रुकावट नहीं आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सभी वित्तीय संसाधनों का उपयोग पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए।
उनका मानना था कि संसाधनों के सही इस्तेमाल से ही जरूरी बुनियादी ढांचे का विकास हो सकेगा। इससे शिक्षा की समग्र गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद मिलेगी।
मिशन शक्ति के जरिए आत्मविश्वास का विकास
इस पूरे कार्यक्रम के जरिए मिशन शक्ति के मुख्य उद्देश्यों को पूरा करने की कोशिश की गई। इसका लक्ष्य लड़कियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना पैदा करना है।
इस पहल से छात्राओं को शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। यह अनुभव उन्हें भविष्य की पेशेवर चुनौतियों के लिए तैयार करने में मददगार साबित होगा।































