ग्रेटर नोएडा के गौर सिटी 14th एवेन्यू में एक बच्चे को आवारा कुत्ते ने काट लिया है। इस घटना के बाद सोसाइटी परिसर के निवासियों में गहरा डर और चिंता फैल गई है।
सोसाइटी के अंदर हुई इस ताजा घटना ने सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर लोगों के डर को और बढ़ा दिया है। अब माता-पिता और अन्य निवासी सोसाइटी मैनेजमेंट और स्थानीय प्रशासन से जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
गौर सिटी में आवारा कुत्तों का सामना करना निवासियों के लिए एक पुराना और विवादित मुद्दा रहा है। यहाँ समय-समय पर इस तरह की घटनाएं होती रही हैं जिससे लोग परेशान हैं।
सुरक्षा को लेकर पुराना विवाद और पिछली घटनाएं
गौर सिटी में कुत्तों के आतंक से जुड़ी कई घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। फरवरी 2024 में 14th एवेन्यू के निवासियों ने सुरक्षा चिंताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था।
इसके अलावा, फरवरी 2025 में गौर सिटी 2 के 12th एवेन्यू में एक महिला को कुत्ते ने गंभीर रूप से घायल कर दिया था। अप्रैल 2026 में एक वीडियो सामने आया था जिसमें 14th एवेन्यू के आवासीय गलियारों में एक दर्जन से अधिक कुत्ते घूमते दिखे थे। इस डर की वजह से निवासियों को अपनी सुरक्षा के लिए हाथ में डंडे लेकर चलना पड़ रहा था।
कुत्तों के आतंक की अन्य घटनाओं में शामिल हैं:
- मई 2026 में आवारा कुत्ते एक अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल तक घुस गए थे।
- जून 2026 में कुत्तों को खाना खिलाने के विवाद में एक निवासी पर हमला हुआ था।
जून 2026 के इस विवादित मामले में बिसरख SHO मुनेन्द्र सिंह ने कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था।
प्रशासन की नीतियां और कानूनी जिम्मेदारी
इस संकट को कम करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। नवंबर 2022 में नोएडा अथॉरिटी ने पालतू जानवरों का पंजीकरण अनिवार्य करने और उनसे होने वाली चोटों पर जुर्माना लगाने की नीति लागू की थी।
हाल ही में जून 2026 में ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने जनसंख्या नियंत्रण और साफ-सफाई बनाए रखने के लिए 1,200 निर्धारित फीडिंग प्लेटफॉर्म बनाने की योजना की घोषणा की थी।
इसके साथ ही जुलाई 2026 में जिला उपभोक्ता आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। आयोग ने स्पष्ट किया कि निवासियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) की होती है। इस मामले में एक RWA को घायल बच्चे को 1.5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया गया था।
निवासी अब ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी, गौतम बुद्ध नगर के जिला मजिस्ट्रेट और स्थानीय पुलिस से अपील कर रहे हैं कि वे पुराने उपायों से आगे बढ़कर ठोस समाधान निकालें। उनकी मांग है कि टाउनशिप के भीतर बच्चों और बुजुर्ग निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।































