बहराइच में 13 अक्टूबर 2026 को ग्राम पंचायत अधिकारी-ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति के सदस्यों ने विकास भवन के गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन तब शुरू हुआ जब मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ने उनके प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इनकार कर दिया।
यूनियन के सदस्य एक ज्ञापन सौंपने के लिए वहां पहुंचे थे। CDO से मुलाकात न होने के कारण सदस्यों ने अपना आक्रोश व्यक्त करने के लिए संस्थान के प्रवेश द्वार पर ही धरने पर बैठने का फैसला किया।
BDO दीपेन्द्र पांडे पर पक्षपात के आरोप
यह पूरा प्रदर्शन नवाबगंज के ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) दीपेन्द्र पांडे के खिलाफ लगाए गए पक्षपात के आरोपों से जुड़ा है। समिति का आरोप है कि 9 अक्टूबर को BDO पांडे ने यूनियन अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह के अधिकार क्षेत्र वाली पांच ग्राम पंचायतों का निरीक्षण किया था।
यूनियन का दावा है कि BDO ने मात्र तीन घंटे के भीतर चार पन्नों की जांच रिपोर्ट तैयार कर ली और उसके बाद स्पष्टीकरण की मांग की। समिति के अनुसार यह पूरी जांच जिला विकास अधिकारी (DDO) कार्यालय से मिले पत्रों के आधार पर की गई है। यूनियन ने पांडे के व्यवहार को कर्मचारियों के प्रति दुर्भावनापूर्ण और अपमानजनक बताया है।
पूर्व शिकायतों और अनुशासनात्मक कार्रवाई का हवाला
समिति ने इस बात को भी याद दिलाया कि जब दीपेन्द्र पांडे Payagpur के BDO के रूप में कार्यरत थे, तब उनके खिलाफ तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट अक्षय त्रिपाठी को एक औपचारिक शिकायत दी गई थी। उस शिकायत के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई के तौर पर पांडे को DRTI Chitaura में संबद्ध किया गया था।
निष्पक्ष जांच और बड़े आंदोलन की चेतावनी
यूनियन ने प्रशासन से मांग की है कि जिसे वे एक पक्षपातपूर्ण और साजिशपूर्ण जांच कह रहे हैं, उसे तुरंत रोका जाए। साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले में एक निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
समिति ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो वे एक व्यापक और बड़े स्तर का आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।































