दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (जोन-I) देवेश चंद्रा श्रीवास्तव ने 10 अक्टूबर 2026 को इसकी घोषणा की।
यह पूरी कार्रवाई Cockroach Janta Party (CJP) द्वारा एक अवैध विरोध प्रदर्शन बुलाए जाने के बाद की गई है। दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन के लिए किसी भी तरह की आधिकारिक अनुमति नहीं दी है।
बॉर्डर पर सुरक्षा जांच और सतर्कता
स्पेशल कमिश्नर श्रीवास्तव ने 10 अक्टूबर को गाजीपुर बॉर्डर पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस मिलिंद महादेव डम्बरे और डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (ईस्ट) राजीव कुमार भी मौजूद थे।
कमिश्नर ने बताया कि सभी जिलों के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिसकर्मी हाई अलर्ट पर हैं और पूरी सतर्कता बरत रहे हैं। उन्होंने पुष्टि की कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सहयोग के लिए नागरिकों का धन्यवाद किया।
शहर में प्रतिबंध और सामुदायिक संपर्क
राजधानी में वर्तमान में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं। पुलिस ने इस दौरान लोगों तक पहुंचने के लिए आउटरीच अभियान भी चलाया है।
पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय मस्जिदों का दौरा किया और Resident Welfare Associations के साथ चर्चा की। अभिभावकों और समुदाय के सदस्यों से अपील की गई है कि वे युवाओं को इस अनधिकृत जमावड़े में शामिल होने से रोकें। पुलिस ने एक खुला पत्र जारी कर स्पष्ट किया कि ये सभी कदम जनता की सुरक्षा के लिए उठाए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला और कानूनी चेतावनी
यह घटनाक्रम 9 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक याचिका खारिज किए जाने के बाद आया है। इस याचिका में पुलिस को प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए ‘खुली छूट’ देने की मांग की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों और युवाओं के भविष्य की रक्षा करने के महत्व पर जोर दिया। हालांकि, अदालत ने यह भी साफ कर दिया कि गंभीर अपराध करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। कमिश्नर श्रीवास्तव ने जनता से आग्रह किया है कि वे किसी भी गैरकानूनी प्रदर्शन में शामिल न हों ताकि कानूनी परिणामों से बचा जा सके।









