बाराबंकी पुलिस ने नितेश कुमार मौर्य की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है और इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। शनिवार को SWAT टीम, सर्विलांस यूनिट और बद्दुपुर पुलिस ने एक संयुक्त अभियान चलाकर संदिग्धों को भगोली पुलिया के पास से पकड़ा। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक स्विफ्ट डिजायर कार भी बरामद की है।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान सीतापुर जिले के निवासी अंकित गुप्ता, दीपू उर्फ दिलीप कुमार वर्मा, अमरेंद्र वर्मा और मनोज मौर्य के रूप में हुई है।
पैसे का विवाद और आपसी रंजिश बनी वजह
जांच में पता चला है कि हत्या की वजह पैसों का विवाद और व्यक्तिगत रंजिश थी। मनोज मौर्य ने आरओ प्लांट लगाने के लिए नितेश से 14 लाख रुपये लिए थे और धान खरीद कारोबार से जुड़े 10 लाख रुपये के विवाद में भी शामिल था।
पुलिस के मुताबिक, नितेश द्वारा अपने पैसे वापस मांगने और एक महिला के साथ उनके संबंधों को लेकर चल रहे तनाव ने इस साजिश को जन्म दिया। आरोप है कि मनोज और अंकित ने 5 लाख रुपये के कॉन्ट्रैक्ट पर हत्या के लिए दीपू को किराए पर लिया था।
नियोजित साजिश के तहत की गई हत्या
29 अक्टूबर को नितेश को बद्दुपुर इलाके में एक गाड़ी में बैठाकर फुसलाया गया और फिर उन्हें सीतापुर के पिसवाण इलाके ले जाया गया। वहां उन पर धारदार हथियारों से हमला किया गया, जिसके बाद अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस अधीक्षक रवीना त्यागी के निर्देशन में कानून प्रवर्तन टीमों ने डिजिटल सबूतों और सीसीटीवी फुटेज का इस्तेमाल कर अपराधियों का पता लगाया और इस केस को सुलझाया।









