उत्तर प्रदेश सरकार ने गंभीर विभागीय लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है। उनके साथ आबकारी निरीक्षक अखिलेश सिंह (सेक्टर-2) और चमन सिंह (सेक्टर-5) को भी निलंबित किया गया है।
आबकारी और निषेध मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। जांच में पाया गया कि गाजियाबाद में बार और नाइट क्लब बिना वैध लाइसेंस के चल रहे थे और दूसरे राज्यों के लिए तय शराब की अवैध बिक्री कर रहे थे।
अवैध वसूली और राजस्व हानि के आरोप
अधिकारियों पर शराब आउटलेट्स और मॉडल शॉप से अवैध रूप से पैसा वसूलने के भी आरोप हैं, जिससे राज्य को राजस्व का बड़ा नुकसान हुआ है। यह प्रशासनिक कार्रवाई तब शुरू हुई जब 24 अक्टूबर को एक तीन सदस्यीय जांच टीम ने छापेमारी की।
अपर जिला मजिस्ट्रेट (सिटी) के नेतृत्व वाली इस टीम में सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम (सदर) और तहसीलदार (सदर) शामिल थे। इस टीम ने इंदिरापुरम और कौशाम्बी समेत अन्य इलाकों के पांच बार और रेस्टोरेंट में औचक निरीक्षण किया था।
नियमों के उल्लंघन पर विभागीय जांच
संजय कुमार सिंह को उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1956 के नियम 3 (1) और 3 (2) के उल्लंघन का प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। उनके खिलाफ अनुशासनात्मक और विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
निलंबन की अवधि के दौरान उन्हें प्रयागराज में आबकारी आयुक्त के कार्यालय से संबद्ध किया गया है। निलंबित अधिकारियों के आचरण की औपचारिक विभागीय जांच मेरठ के डिप्टी आबकारी आयुक्त को सौंपी गई है।









