लखनऊ पुलिस ने सादतगंज इलाके में हुए ट्रिपल मर्डर केस के मुख्य संदिग्ध और हिस्ट्रीशीटर राजेश शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्णा के निर्देश के बाद हुई, जिन्होंने शुक्रवार को ब्राह्मण टोला इलाके में पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय का भरोसा दिलाया था।
राजेश शुक्ला पुलिस से बचने के लिए लगातार अपनी जगह बदल रहा था, जिसके बाद सादतगंज पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पुलिस ने पुष्टि की है कि मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला की बहन दिव्या शुक्ला की तलाश अभी भी जारी है।
दिव्या शुक्ला की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित
दिव्या शुक्ला की गिरफ्तारी के लिए आधिकारिक तौर पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया है। ऋषभ शुक्ला समेत छह अन्य संदिग्ध पहले ही जेल जा चुके हैं। दिव्या को खोजने के लिए पुलिस की चार टीमें उन्नाव और आसपास के जिलों में छापेमारी कर रही हैं।
पुलिस कमिश्नर वेस्ट जितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि संदिग्धों पर दबाव बनाया जा रहा है। जांच टीम दिव्या का पता लगाने के लिए तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और आरोपियों के रिश्तेदारों से पूछताछ का सहारा ले रही है।
जमीन विवाद और अतिक्रमण की जांच
एक अन्य घटनाक्रम में, शुक्रवार को आरोपी की संपत्ति का इलेक्ट्रॉनिक टोटल स्टेशन (ETS) सर्वे किया गया। यह जांच की गई कि आवास सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करके तो नहीं बनाया गया है। इससे पहले प्रशासन ने सार्वजनिक सड़क की जगह घेरने वाली बाउंड्री वॉल को ढहा दिया था।
यह ट्रिपल मर्डर कार पार्किंग और एक चबूतरे को लेकर हुए हिंसक विवाद का नतीजा था, जिसमें सचिवालय के रिटायर्ड कर्मचारी और स्थानीय RSS जिला पदाधिकारी शिवाजी तिवारी और उनके भाई शिवेंद्र तिवारी की जान गई थी। राजेश शुक्ला, जिस पर पहले तीन केस दर्ज हैं और जिस पर गुंडा एक्ट भी लगाया गया था, फिलहाल पुलिस हिरासत में है और कानूनी कार्यवाही जारी है।









