बाराबंकी के रामनगर स्थित त्रिलोकपुर में तेज बुखार के प्रकोप से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। पिछले तीन दिनों में बड़ी संख्या में लोग इस बीमारी की चपेट में आए हैं।
स्वास्थ्य संकट के बीच ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन गंभीर सफाई समस्याओं को दूर करने में विफल रहा है, जिससे बीमारी और फैल रही है। रिपोर्ट के अनुसार गांव और मुख्य बाजार में कचरे के ढेर लगे हैं, नालियां जाम हैं और उनमें पानी भरा है, साथ ही झाड़ियां भी उग आई हैं।
सफाई दावों और जमीनी हकीकत में अंतर
गांव वालों का कहना है कि फॉगिंग और एंटी-लार्वा स्प्रे जैसे जरूरी बचाव कार्य नहीं किए जा रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीजों की जांच और इलाज के लिए रोजाना कैंप लगा रही है, लेकिन सफाई के प्रयास बेअसर हैं।
ग्रामीणों के अनुसार ब्लॉक प्रशासन ने इलाके में करीब आधा दर्जन सफाईकर्मी तैनात किए हैं, लेकिन यह केवल दिखावा है। प्रिंस, रिजवान, सफिक, ताज मोहम्मद, ललित, हर्षित और छोटू नामक ग्रामीणों ने कहा कि सफाईकर्मी केवल कागजों पर हैं और जमीनी हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है।
ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) देवेंद्र प्रताप सिंह का दावा है कि गांव में सफाई अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, निवासियों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि BDO के assertions के बावजूद गांव की हालत जर्जर है।
- कचरे को तुरंत हटाने की मांग।
- नालियों की पूरी तरह सफाई।
- संक्रामक बीमारियों को रोकने के लिए व्यवस्थित फॉगिंग और एंटी-लार्वा स्प्रे।









