‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत मेरा युवा भारत संगठन ने बाराबंकी के सिद्धौर विकास खंड के उस्मानपुर गांव में एक विशेष जन जागरूकता अभियान चलाया। यह पहल जिला युवा अधिकारी रश्मि शबनम गुप्ता के मार्गदर्शन में और नेशनल यूथ वॉलंटियर्स डॉली वर्मा और जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में जोश टीम के सहयोग से आयोजित की गई।
वॉलंटियर्स और जोश टीम के सदस्यों ने उस्मानपुर गांव में घर-घर जाकर निवासियों को तपेदिक (टीबी) के बारे में शिक्षित किया। उन्हें बीमारी के लक्षणों, बचाव के तरीकों, समय पर जांच के महत्व और नियमित चिकित्सा उपचार की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी गई।
बीमारी के लक्षण और इलाज की जानकारी
आउटरीच के दौरान अधिकारियों ने जोर दिया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है, लेकिन यदि समय पर पता चल जाए और सही इलाज हो, तो यह पूरी तरह से ठीक हो सकती है। निवासियों को सलाह दी गई कि यदि वे निम्नलिखित लक्षण महसूस करते हैं, तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं:
- दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी
- बुखार
- रात में पसीना आना
- वजन कम होना
- भूख न लगना
पूर्व नेशनल यूथ वॉलंटियर और सामाजिक कार्यकर्ता सत्येंद्र कुमार एसडी वर्मा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए बीमारी से जुड़ी सामाजिक कलंक और गलतफहमियों को दूर करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मरीजों को समर्थन, सम्मान और समय पर देखभाल की जरूरत होती है। उन्होंने युवाओं से टीबी मुक्त भारत के सपने को पूरा करने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील भी की।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाना, बीमारी से जुड़े भ्रमों को दूर करना और लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करना था। अभियान का समापन ‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ संदेश के साथ हुआ, जिसमें टीबी मुक्त राष्ट्र बनाने के लिए सामूहिक भागीदारी का आह्वान किया गया।









