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जंतर मंतर पर भारी पुलिस बल तैनात, कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बीच कई नेता हिरासत में

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Naradsamvad - Narad news Agency
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दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर 2026 को जंतर मंतर पर आयोजित एक विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए बहुत बड़ा सुरक्षा अभियान चलाया है। इस ऑपरेशन के तहत प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए 15,000 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है।

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यह विरोध प्रदर्शन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) द्वारा आयोजित किया गया था, जिसे ‘जंतर मंतर 2.0’ नाम दिया गया था। इस प्रदर्शन के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रोसेस को वापस लेने की मांग की जा रही थी।

सुरक्षा बलों ने प्रदर्शन स्थल के 4 किलोमीटर के दायरे में भारतीय न्याय संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। प्रदर्शन को रोकने के लिए प्रशासन ने कई प्रमुख हस्तियों को हिरासत में लिया है।

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प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी

पुलिस ने प्रदर्शन को रोकने के लिए अलग-अलग जगहों से गिरफ्तारियां की हैं। CPI(M) नेता वृंदा करात और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन को केरल भवन से निकलते समय हिरासत में लिया गया।

इससे पहले, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत डिपके को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचने पर पुलिस ने पकड़ लिया। उनके साथ सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रंका को भी हिरासत में लिया गया।

गिरफ्तार होने वालों में अन्य महत्वपूर्ण नाम भी शामिल हैं। यूट्यूबर ध्रुव राठी को उनके गुरुग्राम स्थित घर से उठाया गया, जबकि CJP की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह को भी हिरासत में लिया गया है।

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परिवहन और इंटरनेट सेवाओं पर असर

इस सुरक्षा ऑपरेशन की वजह से दिल्ली शहर में काफी दबाव देखा जा रहा है। जंतर मंतर के आसपास के इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।

परिवहन व्यवस्था पर भी इसका बड़ा असर पड़ा है। दिल्ली मेट्रो ने 45 से 57 स्टेशनों को बंद कर दिया है। साथ ही, नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों के लिए तय 250 से ज्यादा ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।

पुलिस का पक्ष और हिरासत के आंकड़े

दिल्ली पुलिस की ओर से जॉइंट कमिश्नर नूपुर प्रसाद और ट्रैफिक पुलिस के एडिशनल कमिश्नर दिनेश कुमार गुप्ता ने इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी क्योंकि आवेदन सही तरीके से नहीं भरा गया था और इससे सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने का खतरा था।

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हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। CJP अधिकारियों का कहना है कि देश भर में करीब 10,000 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

वहीं दूसरी ओर, रिपोर्टों के अनुसार दिल्ली में मौके पर मौजूद 150 से 500 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। इन लोगों को बसों में भरकर निर्धारित डिटेंशन सेंटरों में भेजा गया है।

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