उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में समाजवादी पार्टी (SP) के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट पर इकट्ठा होकर भारत निर्वाचन आयोग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्टी सदस्यों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाया।
प्रदर्शनकारियों ने आयोग की निष्पक्षता की कमी पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए प्रतीकात्मक रूप से ‘पाप का घड़ा’ भी फोड़ा। सपा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग पर ‘वोट चोरी’ को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया। यह पूरा विरोध प्रदर्शन पार्टी द्वारा 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर 2026 तक मनाए गए राज्यव्यापी ‘लोकतंत्र बचाओ’ सप्ताह के बाद किया गया है।
चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप
जिला अध्यक्ष लालजी यादव समेत सपा नेतृत्व ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अब सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कठपुतली बन चुका है। उनका दावा है कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रियाओं के जरिए मतदाताओं को वंचित करने के लिए लाखों नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए।
अखिलेश यादव समेत राष्ट्रीय पार्टी नेताओं ने पहले भी आरोप लगाया था कि ‘फॉर्म 7’ का इस्तेमाल समाजवादी पार्टी के वोटों को व्यवस्थित तरीके से हटाने के लिए किया गया। पार्टी का कहना है कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ है।
अन्य जिलों में विरोध और सुरक्षा इंतजाम
सिद्धार्थनगर में हुआ यह प्रदर्शन असंतोष की एक बड़ी लहर का हिस्सा है। इसी तरह के प्रदर्शन अन्य जिलों में भी हुए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- आजमगढ़ जिला
- झांसी जिला
- बस्ती जिला
- जयपुर में INDIA गठबंधन द्वारा प्रदर्शन
राजनीतिक गतिविधियों में आई इस तेजी को देखते हुए सिद्धार्थनगर के स्थानीय प्रशासन ने कलेक्ट्रेट के चारों ओर भारी पुलिस बल तैनात किया। पुलिस की यह तैनाती कानून व्यवस्था बनाए रखने और प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई थी।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार और चुनाव निकाय दोनों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त की गिरफ्तारी और उन पर मुकदमा चलाने की मांग की।









