उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ में एक संबोधन के दौरान विपक्षी नेताओं राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी की राजनीतिक चुनौतियों का जवाब देते हुए मौर्य ने कहा कि कांग्रेस नेता ‘आसमान के अहंकार’ में जी रहे हैं और उनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देने की हैसियत नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि जनता ने पीएम मोदी को भारी समर्थन दिया है, उन्हें तीसरी बार चुना है और अब चौथे कार्यकाल के लिए तैयारी कर रही है, जिससे गांधी की बयानबाजी अप्रासंगिक हो गई है। मौर्य ने कहा कि विपक्ष के नेता द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा का फैसला लोकतांत्रिक अदालत में जनता करेगी।
अखिलेश यादव और सपा पर निशाना
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने की उनकी आकांक्षाएं निराधार हैं। उन्होंने भविष्यवाणी की कि 2027 के विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी सत्ता में नहीं लौटेगी, जबकि भारतीय जनता पार्टी का नियंत्रण मजबूती से बना रहेगा।
मौर्य ने कहा कि क्योंकि ये राजनीतिक परिणाम तय हैं, इसलिए यादव ने समय से पहले ऐसी भाषा का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। उन्होंने यादव को 2012-2017 की अवधि के दौरान अपनी पार्टी के शासन रिकॉर्ड की समीक्षा करने की सलाह दी।
विपक्षी गठबंधन और भविष्य का दावा
अपनी आलोचना को आगे बढ़ाते हुए मौर्य ने विपक्ष के नेतृत्व वाली हालिया ‘चलो दिल्ली’ रैली को ‘फ्लॉप शो’ करार दिया। उन्होंने भरोसा जताया कि 2027 के राज्य चुनावों में बीजेपी की भारी जीत होगी।
उनका दावा है कि जनता ने सरकार गिराने के लिए विपक्षी गठबंधन की ‘साजिशों’ को खारिज कर दिया है। इसके अलावा, मौर्य ने राज्य के लिए एक दीर्घकालिक राजनीतिक क्षितिज पेश करते हुए कहा कि अगले 30 वर्षों तक उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सत्ता बनी रहेगी।









