3 नवंबर, 2026 को हुए अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद रिपब्लिकन पार्टी को बड़ी चुनावी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि डेमोक्रेट्स ने देश भर में महत्वपूर्ण जीत हासिल की है। Fox News के अनुमान के मुताबिक, डेमोक्रेटिक पार्टी अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (U.S. House of Representatives) पर नियंत्रण पाने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जो वर्तमान प्रशासन के खिलाफ मतदाताओं के विरोध को दर्शाता है।
मध्यावधि चुनावों के दौरान हुए एग्जिट पोल बताते हैं कि लगभग तीन-चौथाई मतदाता देश की दिशा से “नाराज” या “असंतुष्ट” महसूस कर रहे हैं। युवा मतदाता, स्वतंत्र मतदाता, ग्रामीण मतदाता और हिस्पैनिक नागरिक, जिन्होंने 2024 में GOP का समर्थन किया था, अब डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों की ओर शिफ्ट हो गए हैं।
महंगाई और विदेशी नीति का असर
इस बदलाव का मुख्य कारण बढ़ती आर्थिक परेशानियां हैं, खासकर महंगाई और गैस, भोजन व स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती कीमतें, जिन्हें कई मतदाता ट्रंप प्रशासन की टैरिफ नीतियों से जोड़कर देख रहे हैं। विदेशी नीति भी एक निर्णायक कारक रही है, जहां 2026 के जारी ईरान युद्ध ने मतदाताओं की सोच को प्रभावित किया और ऊर्जा लागत को बढ़ा दिया।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन चुनावों को अपने दूसरे कार्यकाल की लोकप्रियता जांचने के तौर पर प्रचारित किया, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार उनकी कम अप्रूवल रेटिंग ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों को नुकसान पहुंचाया है। डेमोक्रेट्स ने नॉर्थ कैरोलिना और साउथ कैरोलिना में सीनेट सीटें जीतकर बड़ी कामयाबी हासिल की है।
जैसे-जैसे गिनती जारी है, Fox News और CNN जैसे बड़े संस्थान वॉशिंगटन में सत्ता के बदलते संतुलन पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने नोट किया कि डेमोक्रेट्स न केवल प्रतिस्पर्धी जिलों में, बल्कि पारंपरिक रिपब्लिकन गढ़ों में भी अपनी पैठ बना रहे हैं।









