Skip to main content

Naradsamvad

मध्य प्रदेश के श्योपुर में चीता का शिकार करने वाले दो भाई गिरफ्तार, चार कर्मचारी निलंबित

Naradsamvad
Naradsamvad - Narad news Agency
3 Min Read

मध्य प्रदेश वन विभाग की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने KNG-22 नाम के 19 महीने के नर चीते की गोली मारकर हत्या के मामले में मोरेना जिले के रहने वाले दो भाइयों, भगवान सिंह और प्रीतम सिंह को गिरफ्तार किया है। यह जानवर 25 अक्टूबर 2026 को श्योपुर वन मंडल के कंपार्टमेंट नंबर 748 में गंभीर रूप से घायल मिला था।

Ad image

चीते की इमरजेंसी सर्जरी की गई, लेकिन 27 अक्टूबर 2026 को उसकी मौत हो गई। पशु चिकित्सकों ने चीते के शरीर से पांच मेटल पेलेट्स (धातु के छर्रे) निकाले थे।

ALSO READ  यूपी मंत्री ओम प्रकाश राजभर का विवादित बयान, खुद को बताया देश का सबसे बड़ा गुंडा

शिकार और हथियार की बरामदगी

पूछताछ के दौरान संदिग्धों ने कबूल किया कि उन्होंने 24 अक्टूबर 2026 को श्योपुर के विजयपुर क्षेत्र में स्थित नितनवास गांव के पास जंगल में शिकार किया था। भगवान सिंह ने स्वीकार किया कि उसने अपनी लाइसेंसी डबल-बैरल मजल-लोडिंग गन, जिसे स्थानीय स्तर पर ‘भरमार’ कहा जाता है, से चीते को गोली मारी थी।

आरोपियों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर STF ने मोरेना डिवीजन के एक वन क्षेत्र से हथियार बरामद कर लिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह स्थानीय शिकार का मामला है और संदिग्धों का किसी संगठित वन्यजीव अपराध सिंडिकेट से जुड़े होने का कोई सबूत नहीं मिला है।

ALSO READ  यूपी डीजीपी राजीव कृष्णा ने पुलिस और मीडिया के बीच बेहतर तालमेल पर दिया जोर, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

कानूनी कार्रवाई और निलंबन

दोनों भाइयों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (संशोधित 2022) की धारा 9 और 51 के तहत मामला दर्ज किया गया है। 31 अक्टूबर 2026 को भगवान सिंह की गिरफ्तारी के बाद उसके भाई प्रीतम सिंह को भी हिरासत में लिया गया। सोमवार, 2 नवंबर 2026 को दोनों को विजयपुर की अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।

ALSO READ  यूपी में दिवाली तोहफा: सीएम योगी 1.89 करोड़ लाभार्थियों को देंगे 1,500 करोड़ की एलपीजी सब्सिडी

प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए ग्वालियर के मुख्य वन संरक्षक ने सुरक्षा और निगरानी ड्यूटी में लापरवाही के लिए चार वन कर्मियों को निलंबित कर दिया है। इनमें

  • दो रेंजर
  • एक डिप्टी रेंजर
  • एक बीट गार्ड

शामिल हैं।

वन और पुलिस अधिकारियों की चार सदस्यीय STF ने इन्फॉर्मर नेटवर्क और डॉग स्क्वाड की मदद से संदिग्धों की पहचान कर उन्हें पकड़ा था।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
Search
अपना ज़िला चुनें
error: Content is protected !!