उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में 2 नवंबर 2026 की रात को नायब तहसीलदार धर्मेंद्र यादव के नेतृत्व में एक राजस्व टीम पर जानलेवा हमला हुआ। यह हमला कोतवाली नगर क्षेत्र के रामनगर इमलिया, जिसे अमलिया कला भी कहा जाता है, में अवैध खनन के खिलाफ छापेमारी के दौरान हुआ।
हमले के दौरान आरोपियों ने टीम पर लाठी और रॉड से हमला किया, जिससे धर्मेंद्र यादव के पैर में फ्रैक्चर हो गया। उन्हें इलाज के लिए लखनऊ के एक मेडिकल संस्थान भेजा गया। इस हमले में लेखपाल सुमित कुमार शर्मा और कुंवर बृजेश सिंह भी घायल हुए हैं।
लापरवाही पर पुलिसकर्मी निलंबित और केस दर्ज
इस घटना के बाद सुल्तानपुर एसपी विनीत जायसवाल ने लापरवाही और मिलीभगत के आरोप में चार पुलिसकर्मियों को निलंबित करने का आदेश दिया है, जिनमें गोडवा (रामनगर इमलिया) पुलिस चौकी के प्रभारी भी शामिल हैं।
माइनिंग इंस्पेक्टर शिव दयाल सिंह और लेखपाल सुमित कुमार शर्मा की शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। इसमें हत्या के प्रयास, सरकारी काम में बाधा, बंधक बनाने और अवैध खनन अधिनियम के उल्लंघन की धाराएं लगाई गई हैं। FIR में गोलू सिंह और संदीप सिंह के साथ 10 से 15 अज्ञात लोगों को नामजद किया गया है।
पांच आरोपी गिरफ्तार, गैंगस्टर एक्ट की तैयारी
4 नवंबर 2026 की सुबह तक अधिकारियों ने पुलिस मुठभेड़ के बाद पांच संदिग्धों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। पुलिस ने आरोपियों से हथियार और एक महिंद्रा थार गाड़ी बरामद की है।
जिलाधिकारी इन्द्रजीत सिंह ने कहा है कि हमले में शामिल सभी व्यक्तियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट लगाने सहित सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।









