साइबर जागरूकता माह के आयोजन के तहत गोंडा पुलिस ने जिले भर में एक व्यापक अभियान चलाया है। इस अभियान के चौथे दिन जिले के सभी 18 पुलिस स्टेशनों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया।
पुलिस की टीमों ने इस अभियान के दौरान बाजारों, स्कूलों, कॉलेजों और ग्राम पंचायतों सहित कई सार्वजनिक स्थानों पर जाकर नागरिकों से मुलाकात की। इस पूरी मुहिम का मुख्य उद्देश्य लोगों को व्हाट्सएप से जुड़ी धोखाधड़ी और उससे बचने के तरीकों के बारे में शिक्षित करना था।
ऑनलाइन धोखाधड़ी के विभिन्न तरीकों की जानकारी
पुलिस टीमों ने आम जनता को कई तरह के डिजिटल खतरों के बारे में विस्तार से बताया। इसमें फेक केवाईसी फ्रॉड, एपीके स्कैम, जॉब और लोन स्कैम, ओटीपी स्कैम और किसी दूसरे की पहचान चुराकर किए जाने वाले इम्पर्सोनेशन फ्रॉड के खतरों के बारे में जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने लोगों को बताया कि मैलिशियस फाइल्स यानी हानिकारक फाइलों से क्या जोखिम हो सकते हैं। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी संदिग्ध लिंक, एपीके, पीडीएफ, जिप फाइल या किसी भी अनजान दस्तावेज को डाउनलोड न करें और न ही उन्हें खोलें।
संदिग्ध लिंक और वित्तीय लेनदेन से बचाव
अधिकारियों ने आम जनता को सलाह दी है कि केवाईसी अपडेट, नौकरी के ऑफर या लोन के बहाने भेजे गए संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। पहचान की पुष्टि किए बिना व्हाट्सएप पर पुलिस अधिकारी, बैंक कर्मचारी, रिश्तेदार या परिचित बनकर पैसे मांगने वालों को पैसे न भेजें।
बैंकिंग सुरक्षा को लेकर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। इसमें निम्नलिखित जानकारियां शामिल हैं:
- ओटीपी (OTP)
- पिन (PIN)
- सीवीवी (CVV) नंबर
- पासवर्ड और अन्य संवेदनशील बैंकिंग जानकारी
साइबर फ्रॉड की रिपोर्ट करने का तरीका
गोंडा पुलिस ने नागरिकों को निर्देश दिया है कि यदि वे या उनका कोई परिचित साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो उन्हें बिना देरी किए कदम उठाने चाहिए।
ऐसे मामलों में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा, पीड़ित व्यक्ति आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in के माध्यम से भी अपनी औपचारिक शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

























