विपक्षी नेता राहुल गांधी ने 6 अक्टूबर, 2026 को INDIA गठबंधन के एक विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, RSS प्रमुख मोहन भागवत और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर देशद्रोह के गंभीर आरोप लगाए हैं।
यह प्रदर्शन दिल्ली के आकाशवाणी भवन परिसर में स्थित भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के कार्यालय के पास आयोजित किया गया था। यहाँ विपक्षी सांसदों ने मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के जरिए लोकतंत्र को कमजोर करने और कथित वोट चोरी का विरोध किया।
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में कथित हेरफेर देशद्रोह का कार्य है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को उनके किए की जवाबदेही से बचने नहीं दिया जाएगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त और सरकार पर गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने दावा किया कि जब वे और करीब 300 विपक्षी सांसद अपनी शिकायतें दर्ज कराने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलने की कोशिश कर रहे थे, तब पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
उन्होंने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और RSS प्रमुख पर देश को हाईजैक करने का आरोप लगाया। राहुल गांधी के अनुसार, इस पूरे कार्य में मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनकी सहायता की है।
चुनाव आयोग और राहुल गांधी के बीच पुराना विवाद
चुनावी प्रक्रिया को लेकर पिछले कई महीनों से तनाव बना हुआ है। अगस्त 2025 में, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने राहुल गांधी द्वारा लगाए गए वोट चोरी के आरोपों को सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया था।
उस समय कुमार ने इन आरोपों को संविधान का अपमान बताया था। उन्होंने राहुल गांधी को चुनौती दी थी कि वे सात दिनों के भीतर हलफनामे के जरिए सबूत पेश करें या फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने यह भी कहा था कि निर्वाचन आयोग निडर और निष्पक्ष है। साथ ही, उन्होंने बिहार के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का बचाव करते हुए कहा कि आंतरिक निर्णय आम सहमति से लिए गए थे।
प्रदर्शन के बाद की स्थिति और इस्तीफे की मांग
6 अक्टूबर के इस विरोध प्रदर्शन के बाद कुछ खबरें सामने आईं कि आकाशवाणी भवन परिसर से एक PCR कॉल की गई थी। इस कॉल में राहुल गांधी पर परिसर में अनधिकृत प्रवेश का आरोप लगाया गया था।
इसके बावजूद राहुल गांधी ने अपना आक्रामक रुख बरकरार रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष न केवल सत्ताधारी भाजपा का सामना कर रहा है, बल्कि उनके प्रभाव को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की बार-बार मांग की है। उन्होंने सुझाव दिया कि कुमार को एक ‘अप्रूवर’ के रूप में कार्य करना चाहिए और इन आरोपों के संबंध में मोदी और शाह के खिलाफ जांच में मदद करनी चाहिए।

























