6 अक्टूबर 2026 को विपक्षी ‘INDIA’ गठबंधन के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने संसद के मकर द्वार से भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के कार्यालय की ओर मार्च किया। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग करना था।
विपक्षी नेताओं ने वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों का आरोप लगाया है, जिसे SIR विवाद के रूप में जाना जाता है। इस विवाद के कारण ही सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटने की मांग की है।
पुलिस ने इस मार्च को नीति आयोग कार्यालय और आकाशवाणी भवन के बीच में रोक दिया। इसके बावजूद, विपक्ष के नेता Rahul Gandhi और सांसद Priyanka Gandhi Vadra ने बैरिकेड्स को पार कर आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश किया और वहां धरने पर बैठ गए।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख नेता और आरोप
इस विरोध प्रदर्शन में कई बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया या इसका समर्थन किया। इनमें Mallikarjun Kharge, Akhilesh Yadav, Abhishek Banerjee, Derek O’Brien, John Brittas, Sanjay Raut, Supriya Sule, Sagarika Ghosh, K.C. Venugopal, Deepender Hooda और Pawan Khera शामिल थे।
परिसर के अंदर से मीडिया से बात करते हुए Rahul Gandhi ने कहा कि 300 विपक्षी सांसदों को चुनाव आयोग तक पहुंचने से रोकना “देशद्रोह” के समान है। उन्होंने इस बात पर गहरा रोष जताया कि उन्हें आयोग के पास नहीं जाने दिया गया।
Pawan Khera ने बताया कि प्रदर्शन अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि नेता चुनाव आयोग के कार्यालय से मात्र 100 मीटर की दूरी पर होने के बावजूद वहां प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं।
सुरक्षा इंतजाम और पुलिस की कार्रवाई
प्रदर्शन के दौरान NSUI और भारतीय युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने परिसर में घुसने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने आकाशवाणी भवन के बाहर अपनी तैनाती बढ़ा दी है।
प्रशासन ने इलाके में BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। निगरानी के लिए आसमान में ड्रोन भी तैनात किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा का यह कड़ा इंतजाम नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
चुनाव आयोग और भाजपा की प्रतिक्रिया
दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग ने SIR फैसलों को लेकर आंतरिक मतभेद की खबरों को खारिज कर दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी निर्णय तीन सदस्यीय पैनल के बीच आम सहमति से लिए गए थे।
भाजपा नेताओं ने इस प्रदर्शन की कड़ी आलोचना की है। Sudhanshu Trivedi और Jagadish Shettar ने आरोप लगाया कि Rahul Gandhi संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं और उन्होंने आकाशवाणी भवन में “घुसपैठ” की है।
कांग्रेस के महासचिव Jairam Ramesh ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा के जाने की “उल्टी गिनती” अब शुरू हो चुकी है।

























