23 अक्टूबर 2026 को ‘Peoples Against SIR’ गठबंधन ने दिल्ली में एक बड़ा विरोध मार्च निकाला। इस प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच टकराव हुआ, जिसके बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शनकारी संसद मार्ग पर गुरुद्वारा बंगला साहिब के पास जमा हुए थे। वहां से वे चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च करके जा रहे थे, लेकिन दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने उन्हें रोक दिया।
पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रदर्शन करने वाले लोगों ने वहां ‘पीपल्स पार्लियामेंट’ के रूप में धरना शुरू कर दिया। प्रशासन ने इलाके में भीड़ जमा होने से रोकने के लिए धारा 163 (BNSS) लागू कर दी थी।
ट्रैफिक व्यवस्था और संगठन की मांगें
प्रदर्शन के कारण दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने दोपहर 1:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक मध्य दिल्ली में ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया था। इस पूरे विरोध प्रदर्शन का आयोजन ‘Peoples Against SIR’ की दिल्ली समन्वय समिति द्वारा किया गया था।
यह गठबंधन 14 अक्टूबर को बनाया गया था। इस संगठन ने अपनी मांगों के तहत मुख्य रूप से निम्नलिखित बातें रखी हैं:
- स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) की प्रक्रिया को तुरंत रद्द किया जाए।
- वोटर लिस्ट से हटाए गए कथित 13.41 करोड़ लोगों के मतदान अधिकार बहाल किए जाएं।
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
नेताओं के आरोप और शामिल संगठन
CPI(M) की नेता बृंदा करात ने कहा कि यह संघर्ष तब तक चलेगा जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त अपना पद नहीं छोड़ देते। उन्होंने केंद्र सरकार पर संविधान और मतदान अधिकारों पर हमला करने का आरोप लगाया।
बृंदा करात ने यह दावा भी किया कि प्रदर्शन में शामिल लोग मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग के लिए ‘शांति बांड’ पर हस्ताक्षर कर रहे हैं। इस प्रदर्शन में कई छात्र समूहों और वामपंथी पार्टियों ने हिस्सा लिया।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख संगठनों की सूची इस प्रकार है:
- क्रांतिकारी युवा संगठन (KYS)
- स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI)
- ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA)
- ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक विमेंस एसोसिएशन (AIDWA)
- ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (AIDSO)
- संयुक्त किसान मोर्चा (SKM)
प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी और बीजेपी का अभियान
इस प्रदर्शन में कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं। इनमें राजनीतिक अर्थशास्त्री पराकला प्रभाकर, वकील प्रशांत भूषण, किसान नेता राकेश टिकैत, एक्टिविस्ट तुषार गांधी, CJP के अभिजीतdeepcopy, ICI अध्यक्ष नेहा बोरा, छात्र नेता आयुष घोष और अभिनेता प्रकाश राज शामिल थे।
दूसरी तरफ, बीजेपी ने भी आज अपना एक देशव्यापी अभियान शुरू किया है। बीजेपी ने ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ नाम से अभियान चलाया है, जिसके तहत SIR प्रक्रिया का समर्थन करने के लिए जिला स्तर पर पैदल मार्च निकाले जा रहे हैं।































