समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व MLC कुंवर जयेश प्रसाद ने शाहजहाँपुर के कांत क्षेत्र में स्थित कुरिया कलां गांव का दौरा किया। यहाँ उन्होंने गांव में स्थित प्राचीन देवी मंदिर में जाकर माता के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की।
इस दौरान कुंवर जयेश प्रसाद ने मंदिर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा की। उन्होंने माता से क्षेत्र की खुशहाली और सभी लोगों के सामान्य कल्याण के लिए विशेष प्रार्थना की और आशीर्वाद मांगा।
कुरिया कलां मंदिर की विशेष परंपराएं
कुरिया कलां गांव में स्थित यह देवी मंदिर अपनी अनोखी धार्मिक रीति-रिवाजों और परंपराओं के लिए बहुत प्रसिद्ध है। इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि इसके दरवाजे साल में केवल दो बार ही आम जनता के लिए खोले जाते हैं।
जब मंदिर के कपाट खुलते हैं, तो श्रद्धालुओं को केवल तीन दिनों तक ही दर्शन करने की अनुमति दी जाती है। यह प्रक्रिया साल में दो बार दोहराई जाती है, जिसके कारण इन खास दिनों में यहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु इकट्ठा होते हैं।
श्रद्धालुओं की आस्था और पूजा विधि
मंदिर में आने वाले लोग अपने परिवार की शांति, सुख और समृद्धि की कामना करते हैं। भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए देवी के चरणों में शीश झुकाते हैं और सम्मान अर्पित करते हैं।
कुंवर जयेश प्रसाद ने भी इसी परंपरा का पालन किया। उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ माता के सामने अपना सिर झुकाया और देवी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

























