भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement) आधिकारिक तौर पर 20 अक्टूबर 2026 से लागू हो गया है। इस महत्वपूर्ण समझौते के तहत अब न्यूजीलैंड के बाजार में जाने वाले सभी भारतीय निर्यात उत्पादों को तुरंत जीरो ड्यूटी एक्सेस मिलेगा।
यह समझौता न केवल व्यापार को बढ़ाएगा बल्कि पेशेवर लोगों की आवाजाही और निवेश के लिए भी नए रास्ते खोलेगा। इस समझौते के लिए बातचीत दिसंबर 2025 में पूरी हुई थी, जिसके बाद दोनों पक्षों ने 27 अप्रैल 2026 को अंतिम दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे।
Press Information Bureau और Ministry of Commerce की आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, यह भारत का 17वां चालू मुक्त व्यापार समझौता है। इसमें Regional Comprehensive Economic Partnership के सभी सदस्य देश शामिल हैं, लेकिन चीन इसमें शामिल नहीं है।
व्यापार और निवेश से जुड़े नए प्रावधान
इस समझौते के लागू होने के पहले दिन से ही भारतीय निर्यातकों को अपने सामान के लिए 100 प्रतिशत ड्यूटी फ्री एक्सेस का लाभ मिल रहा है। इस कदम से उन पीक टैरिफ को खत्म कर दिया गया है, जो पहले विभिन्न उत्पादों पर 10 प्रतिशत तक पहुँच जाते थे।
इस बदलाव से कई खास सेक्टरों को फायदा होने की उम्मीद है। इनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्र शामिल हैं:
- टेक्सटाइल और अपैरल (कपड़ा और परिधान)
- लेदर और फुटवियर (चमड़ा और जूते)
- इंजीनियरिंग गुड्स
- फार्मास्युटिकल उत्पाद (दवाइयां)
- प्रोसेस्ड फूड्स और विभिन्न कृषि उत्पाद
Global Trade Research Initiative द्वारा ट्रैक किए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस रणनीति का लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर लगभग 35,000 करोड़ रुपये करना है। इसके साथ ही न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 बिलियन डॉलर के निवेश की सुविधा देने की प्रतिबद्धता जताई है।
इस निवेश का मुख्य उद्देश्य पूरे देश में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को बढ़ाना है। हालांकि, डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के घरेलू उत्पादकों को कुछ बदलावों का सामना करना पड़ सकता है, जिसे संभालने के लिए अधिकारियों ने विशेष आयात कोटा तय किया है ताकि सभी के लिए समान अवसर बने रहें।
पेशेवरों के लिए वीजा और करियर के अवसर
भौतिक वस्तुओं के अलावा, यह समझौता भारतीय पेशेवरों के लिए वीजा के नए रास्ते भी खोलता है। इस समझौते के तहत किसी भी समय 5,000 कुशल भारतीय श्रमिकों के लिए Temporary Employment Entry वीजा का प्रावधान किया गया है।
ये वीजा तीन साल के लिए मान्य होंगे और इनमें मुख्य रूप से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT), हेल्थकेयर और एजुकेशन जैसे महत्वपूर्ण सेक्टर शामिल होंगे। नए सर्विस कमिटमेंट्स के तहत छात्रों के लिए भी पोस्ट स्टडी वर्क के विकल्प बढ़ गए हैं, जो 118 से अधिक अलग-अलग सेक्टरों में फैले हुए हैं।
भारत सरकार का इरादा निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर Atmanirbhar लक्ष्यों को मजबूती देना है। कॉमर्स मिनिस्टर Piyush Goyal और न्यूजीलैंड के उनके समकक्ष ने विजय दशमी के त्योहार के दौरान इस समझौते की शुरुआत की घोषणा की थी।
Business Standard और CNBC TV18 की रिपोर्ट के अनुसार, कार्यान्वयन चरण में तत्काल टैरिफ समायोजन और नए वीजा चैनलों को सक्रिय करना शामिल है। दोनों देशों के सरकारी निकाय आने वाले महीनों में व्यापार प्रवाह के प्रभाव की निगरानी करना जारी रखेंगे।
भविष्य के प्रयासों में कृषि उत्पादकता पर केंद्रित और अधिक सहयोग शामिल हो सकता है, ताकि दोनों देश इस समझौते का अधिकतम लाभ उठा सकें। विश्लेषक अब इस बात पर नजर रख रहे हैं कि 20 बिलियन डॉलर के निवेश का वादा जमीन पर कितनी जल्दी सक्रिय प्रोजेक्ट पाइपलाइनों में बदलता है।

























