ट्रैफिक विभाग की अधिकारी DSP Anju Yadav को APO (Awaiting Posting Orders) स्टेटस पर रखा गया है। यह कार्रवाई एक पार्किंग विवाद के बाद की गई है, जिसमें एक वकील के साथ शारीरिक मारपीट की घटना हुई थी।
यह पूरा मामला 9 अक्टूबर 2026 को अजमेर जिले के Kishangarh में हुआ था। इस घटना में DSP Anju Yadav और वकील Babulal Bagaria शामिल थे।
वकील की पिटाई का वीडियो और कानूनी समुदाय का विरोध
इस विवाद के बाद मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो के सामने आने के बाद कानूनी समुदाय में काफी गुस्सा देखा गया और भारी विरोध शुरू हो गया।
Ajmer Bar Association के सदस्यों ने इस मामले में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अधिकारी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की थी।
माफी के बाद भी बढ़ी मुश्किलें
मामले को सुलझाने की शुरुआती कोशिश में DSP Anju Yadav ने वकील Babulal Bagaria के साथ एक वीडियो रिकॉर्ड किया था। इस वीडियो में उन्होंने अपनी हरकतों के लिए माफी मांगी और खेद जताया था।
शुरुआत में वकील Babulal Bagaria ने इस माफी को स्वीकार कर लिया था। लेकिन इसके बावजूद जनता और पेशेवर दबाव के कारण मामला और ज्यादा बढ़ गया।
मुख्यमंत्री के निर्देश और APO स्टेटस की कार्रवाई
मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को पुलिस मुख्यालय ने अधिकारी को APO स्टेटस पर रखने का फैसला लागू किया। यह फैसला सीधे तौर पर Chief Minister के निर्देशों के बाद लिया गया है।
Chief Minister ने साफ किया है कि अपराध और कानून व्यवस्था के मामलों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
- APO स्टेटस का मतलब है कि अधिकारी को उनके वर्तमान नियमित पद से हटा दिया गया है।
- अब वह बिना किसी पोस्टिंग के रहेंगी।
- उन्हें आगे के प्रशासनिक आदेशों का इंतजार करना होगा।

























