आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह 6 अक्टूबर 2026 को पुणे पहुंचे। वहां उन्होंने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के उन अभ्यर्थियों के साथ अपनी एकजुटता जताई, जो 1 अक्टूबर से लगातार छह दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
संजय सिंह ने इस आंदोलन को संबोधित करते हुए राज्य प्रशासन की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को अपनी परीक्षाएं पूरी करने में बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और बाद में पेपर लीक की वजह से उनकी मेहनत बेकार हो जाती है।
सांसद ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि वे भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार दोषियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने में पूरी तरह विफल रही है।
MPSC अभ्यर्थियों की मांगें और पेपर लीक का मामला
MPSC के उम्मीदवार आयोग के चेयरमैन विवेक भिमनवार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग में पेपर लीक, परीक्षा प्रक्रियाओं में गड़बड़ी और प्रशासनिक खामियां लगातार बनी हुई हैं।
इन शिकायतों के पीछे ड्रग इंस्पेक्टर ग्रुप-बी भर्ती परीक्षा का रद्द होना एक बड़ा कारण है। कथित पेपर लीक के कारण इस भर्ती को रद्द किया गया था, जिसके बाद तीन MPSC अधिकारियों सहित कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
इसके अलावा, राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2026 सहित कई अन्य बड़ी परीक्षाओं को भी स्थगित कर दिया गया है, जिससे छात्रों में भारी नाराजगी है।
मुख्यमंत्री द्वारा न्यायिक जांच की सिफारिश
इन विवादों के जवाब में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्यपाल विष्णु देव वर्मा को एक सिफारिश भेजी है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच के लिए एक न्यायिक जांच समिति बनाई जाए।
यह समिति एक रिटायर्ड हाई कोर्ट जज के नेतृत्व में होगी, जो संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत पिछले और वर्तमान अध्यक्षों के कामकाज की जांच करेगी। इस जांच रिपोर्ट के तीन महीने में आने की उम्मीद है।
वोट चोरी के खिलाफ CJP आंदोलन का समर्थन
पुणे दौरे के दौरान संजय सिंह ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) से जुड़े विवाद पर भी बात की। उन्होंने पुष्टि की कि आम आदमी पार्टी ‘वोट चोरी’ के खिलाफ चल रहे सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के आंदोलन का समर्थन करती है।
संजय सिंह ने बताया कि AAP ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपने विरोध प्रदर्शन बिना किसी पार्टी बैनर के करने का फैसला किया है। पार्टी चाहती है कि इस आंदोलन का स्वरूप एक ‘जन आंदोलन’ जैसा बना रहे।
उन्होंने कहा कि पार्टी अभिजीत डिपके के नेतृत्व वाले CJP के साथ खड़ी है, जो 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर एक रैली आयोजित कर रहा है। CJP की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा हो।
- चुनावी सूचियों के विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision) में कथित पक्षपात की जांच हो।
इसी बीच, भारत के सुप्रीम कोर्ट ने 5 अक्टूबर को उन याचिकाओं पर सुनवाई तय की है, जिनमें मुख्य चुनाव आयुक्त कुमार को निलंबित करने की मांग की गई है। इसके साथ ही INDIA गठबंधन ने भी 6 अक्टूबर को दिल्ली में अलग से विरोध प्रदर्शन किए हैं।

























