Skip to main content

Naradsamvad

[post-views]

डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध यूनिवर्सिटी में शैक्षणिक गुणवत्ता और कैंपस विकास कार्यों की समीक्षा

डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने यूनिवर्सिटी के कौटिल्य प्रशासनिक भवन में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक मानकों का मूल्यांकन करना और कैंपस में चल रहे विकास कार्यों की वर्तमान स्थिति की जांच करना था।

Ad image

यह सत्र 1 अक्टूबर, 2026 को की गई पिछली विस्तृत समीक्षा के बाद आयोजित किया गया था। बैठक में इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि क्लासों का संचालन समय पर हो, पाठ्यक्रम को लगातार पूरा किया जाए और यूनिवर्सिटी की सभी प्रयोगशालाएं पूरी तरह से काम करें।

बैठक में शामिल अधिकारी और प्रोफेसर

इस महत्वपूर्ण बैठक में यूनिवर्सिटी के कुलसचिव विनय कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ प्रोफेसर और डॉक्टर मौजूद थे। इनमें प्रोफेसर एस.एस. मिश्रा, प्रोफेसर आशुतोष सिन्हा, प्रोफेसर सी.के. मिश्रा, प्रोफेसर एस.के. रायजादा, प्रोफेसर अनूप कुमार, प्रोफेसर फर्रुख जमाल, प्रोफेसर ए.के. राय, प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार, डॉ. महिमा चौरसिया और डॉ. पी.के. द्विवेदी शामिल रहे।

इन वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा, संबंधित इंजीनियरिंग विभागों के प्रतिनिधियों और कार्यकारी एजेंसियों के लोग भी इस चर्चा का हिस्सा बने। सभी विभागों के बीच समन्वय बनाने के लिए इन विशेषज्ञों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई थी।

इंफ्रास्ट्रक्चर और कैंपस विकास के निर्देश

बैठक के दौरान कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि कैंपस के भीतर सभी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए गुणवत्ता, सुरक्षा और सख्त समय सीमा का पालन करना सबसे जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कुलपति ने कुछ खास कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, जिनमें निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:

  • कुशल ड्रेनेज सिस्टम यानी जल निकासी व्यवस्था को प्राथमिकता देना।
  • महिला छात्रावास के लिए सुरक्षित पहुंच मार्गों का निर्माण करना।
  • फैकल्टी कॉलोनी के लिए बेहतर और सुरक्षित रास्ते सुनिश्चित करना।

प्रवेश प्रक्रिया और प्रशासनिक अनुशासन

प्रशासन ने यूनिवर्सिटी की प्रवेश प्रक्रिया को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एडमिशन की प्रक्रिया पारदर्शी और सरल होनी चाहिए और इसे एक तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए।

डॉ. सिंह ने इस बात को दोहराया कि किसी भी विभाग में लापरवाही के प्रति उनकी नीति जीरो टॉलरेंस की है। यूनिवर्सिटी प्रशासन उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता बनाए रखने और सभी विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि छात्रों के लिए सीखने का बेहतर माहौल बन सके।

अन्य खबरे

गोल्ड एंड सिल्वर

Our Visitors

1537475
Total Visitors
error: Content is protected !!