Skip to main content

Naradsamvad

[post-views]

शाहजहाँपुर के सैदुपुर गांव में घुसा विशालकाय मगरमच्छ, वन विभाग ने सुरक्षित पकड़कर नदी में छोड़ा

शाहजहाँपुर के खुदागंज थाना क्षेत्र के सैदुपुर गांव में 6 अक्टूबर 2026 की सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक विशालकाय मगरमच्छ रिहायशी इलाके में घुस आया। इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों के बीच भारी दहशत फैल गई।

Ad image

मगरमच्छ को देखते ही गांव के लोगों ने पहले उसे सुरक्षित करने की कोशिश की। इसके बाद उन्होंने तुरंत संबंधित अधिकारियों को इस घटना की जानकारी दी।

सूचना मिलने पर वन विभाग की एक टीम मौके पर पहुंची। इस टीम में रेंजर अनिल कुमार, अमित शर्मा, श्याम सिंह यादव और स्टाफ सदस्य बकर शामिल थे। टीम ने ग्रामीणों की मदद से मगरमच्छ को सफलतापूर्वक पकड़ लिया।

मगरमच्छ को नदी में छोड़ा गया

पकड़े गए मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से पास ही स्थित बहगुल नदी में छोड़ दिया गया। खुदागंज क्षेत्र में हाल ही में हुई बारिश और बाढ़ के कारण वन्यजीवों के रिहायशी इलाकों में आने की घटनाएं बढ़ गई हैं।

इसी दिन यानी 6 अक्टूबर को एक अन्य मगरमच्छ मयुना गांव से भी बरामद किया गया था। इससे पहले 30 सितंबर को बहगुल नदी के एक द्वीप पर एक मगरमच्छ देखा गया था, जिसके बाद अधिकारियों ने जनता के लिए चेतावनी जारी की थी।

क्षेत्र में मगरमच्छों की बढ़ती हलचल

खुदागंज के सुराही गांव में भी ऐसी घटना हुई थी। 4 अक्टूबर को एक नहर से निकला मगरमच्छ गांव की गलियों तक पहुंच गया था, जिसे बाद में पकड़कर वापस पानी में छोड़ दिया गया।

इससे पहले 12 सितंबर को तिलहर इलाके के अहियापुर गांव में एक मगरमच्छ घर के अंदर घुस गया था। अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर उसे पकड़कर गर्रा नदी में छोड़ा था।

शाहजहाँपुर के रिहायशी इलाकों और नालों में 8 और 9 सितंबर को भी मगरमच्छ देखे जाने की खबरें मिली थीं।

वन विभाग की चेतावनी और ग्रामीणों की मांग

मगरमच्छों के बार-बार बस्तियों में आने के बाद वन विभाग ने नागरिकों से अत्यधिक सावधानी बरतने और वन्यजीवों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निवासी खुद मगरमच्छ को पकड़ने या उसके करीब जाने की कोशिश न करें। किसी भी ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचित करना चाहिए।

  • नदी किनारे रहने वाले ग्रामीण अभी भी हाई अलर्ट पर हैं।
  • ग्रामीणों ने इलाके में निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
  • मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए जन जागरूकता कार्यक्रम चलाने की मांग की गई है।

अन्य खबरे

गोल्ड एंड सिल्वर

Our Visitors

1536822
Total Visitors
error: Content is protected !!